पसंदीदा विडियो

गोपी चंद नारंग

Mirza Ghalib - The Poet of Love and Coexistence

इस विडियो को शेयर कीजिए

आज के टॉप 5

सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं

जिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं

सुदर्शन फ़ाकिर

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो

जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

बशीर बद्र

अपने ज़ब्त को रुस्वा करो सता के मुझे

ख़ुदा के वास्ते देखो मुस्कुरा के मुझे

बिस्मिल अज़ीमाबादी

जाने रूठ के बैठा है दिल का चैन कहाँ

मिले तो उस को हमारा कोई सलाम कहे

कलीम आजिज़

उन्हें अपने दिल की ख़बरें मिरे दिल से मिल रही हैं

मैं जो उन से रूठ जाऊँ तो पयाम तक पहुँचे

शकील बदायुनी
आर्काइव
आज का शब्द

चाक

  • chaak
  • چاک

शब्दार्थ

slit/ cut

हमेशा मैं ने गरेबाँ को चाक चाक किया

तमाम उम्र रफ़ूगर रहे रफ़ू करते

Tween kaabaa and the loved one's face is deep affinity

Corpses, toward's mecca for a cause are faced to be

Tween kaabaa and the loved one's face is deep affinity

Corpses, toward's mecca for a cause are faced to be

शब्द शेयर कीजिए

आर्काइव

आज की प्रस्तुति

शहरयार

शहरयार

1936-2012

अग्रणी आधुनिक उर्दू शायरों में शामिल। फ़िल्म गीतकार , ' फ़िल्म उमराव जान ' , के गीतों के लिए प्रसिद्ध। भारतीय ज्ञान पीठ एवार्ड से सम्मानित

जुस्तुजू जिस की थी उस को तो पाया हम ने

इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हम ने

पूर्ण ग़ज़ल देखें

शहरयार के बारे में शेयर कीजिए

ई-पुस्तकालय

उर्दू साहित्य का सबसे बड़ा ऑनलाइन संग्रह

huqooq-e-niswaan

मोलवी सैयद मुमताज़ अली 

1898 लेख

Gurez

अज़ीज़ अहमद 

1982 फ़िक्शन

Maah Laqa Aur Dusri Nazmen

अज़ीज़ अहमद 

1943 नज़्म

उर्दू भाषा और साहित्य

फ़िराक़ गोरखपुरी 

1962 भाषा एवं साहित्य

March-April

सुरूर बाराबंकवी 

1958 Aab-o-Gil

ई-पुस्तकालय

नया क्या है

हम से जुड़िये

न्यूज़लेटर

* रेख़्ता आपके ई-मेल का प्रयोग नियमित अपडेट के अलावा किसी और उद्देश्य के लिए नहीं करेगा

Favroite added successfully

Favroite removed successfully