आज के चुनिन्दा 5 शेर

मोहब्बत के लिए कुछ ख़ास दिल मख़्सूस होते हैं

ये वो नग़्मा है जो हर साज़ पर गाया नहीं जाता

मख़मूर देहलवी

रोने वाले तुझे रोने का सलीक़ा ही नहीं

अश्क पीने के लिए हैं कि बहाने के लिए

आनंद नारायण मुल्ला
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उन्हें भी जीने के कुछ तजरबे हुए होंगे

जो कह रहे हैं कि मर जाना चाहते हैं हम

वाली आसी

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता

कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता

निदा फ़ाज़ली

कोई पाबंद-ए-मोहब्बत ही बता सकता है

एक दीवाने का ज़ंजीर से रिश्ता क्या है

फ़ना निज़ामी कानपुरी
आज का शब्द

तकिया

  • takiya
  • تکیہ

शब्दार्थ

reliance/ pillow

उस पे तकिया किया तो था लेकिन

रात दिन हम थे और बिस्तर था

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

उर्दू के पहले सबसे बड़े शायर जिन्हें ' ख़ुदा-ए-सुख़न, (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है।

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मनोज मुन्तशिर

Filmi Naghma-Nigaari Aur Urdu | Jashn-e-Rekhta 4th Edition 2017

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