कैफ़ी आज़मी शायरी

लोकप्रिय प्रमुख प्रगतिशील शायर और फि़ल्म गीतकार/हीर राँझा और काग़ज़ के फूल के गीतों के लिए प्रसिद्ध

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औरत

उठ मिरी जान मिरे साथ ही चलना है तुझे

कैफ़ी आज़मी

चराग़ाँ

एक दो ही नहीं छब्बीस दिए

कैफ़ी आज़मी

दाएरा

रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे

कैफ़ी आज़मी

दूसरा बन-बास

राम बन-बास से जब लौट के घर में आए

कैफ़ी आज़मी

मकान

आज की रात बहुत गर्म हवा चलती है

कैफ़ी आज़मी

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