आज के टॉप 5

बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है

उसे गले से लगाए ज़माना हो गया है

इरफ़ान सिद्दीक़ी

ख़ुद को बिखरते देखते हैं कुछ कर नहीं पाते हैं

फिर भी लोग ख़ुदाओं जैसी बातें करते हैं

इफ़्तिख़ार आरिफ़

क्यूँ परखते हो सवालों से जवाबों को 'अदीम'

होंट अच्छे हों तो समझो कि सवाल अच्छा है

अदीम हाशमी

हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ

दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं

परवीन शाकिर

अक्स किस चीज़ का आईना-ए-हैरत में नहीं

तेरी सूरत में है क्या जो मेरी सूरत में नहीं

असग़र गोंडवी
आज का शब्द

तकिया

  • takiya
  • تکیہ

शब्दार्थ

reliance/ pillow

बाग़बाँ ने आग दी जब आशियाने को मिरे

जिन पे तकिया था वही पत्ते हवा देने लगे

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

बेइंतिहा लोकप्रिय शायर/अपनी रूमानी और विरोधी -कविता के लिए प्रसिद्ध

शो'ला था जल-बुझा हूँ हवाएँ मुझे दो

मैं कब का जा चुका हूँ सदाएँ मुझे दो

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मनोज मुन्तशिर

Filmi Naghma-Nigaari Aur Urdu | Jashn-e-Rekhta 4th Edition 2017

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ई-पुस्तकालय

Isbaat

ताजदार आदिल 

1991

लाल चन्द्रिका

लाल सिंह 

1886 अनुवाद

कुल्लियात-ए-सहर

कँवर महेंद्र सिंह बेदी सहर 

1992 महाकाव्य

Anar Kali

ज़फ़र संभली 

1984 मसनवी

Aam Nama

सुहैल काकोरवी 

2013 काव्य संग्रह

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