आज के चुनिन्दा 5 शेर

रास्ता सोचते रहने से किधर बनता है

सर में सौदा हो तो दीवार में दर बनता है

जलील ’आली’

मकतब-ए-इश्क़ का दस्तूर निराला देखा

उस को छुट्टी मिली जिस को सबक़ याद हुआ

मीर ताहिर अली रिज़वी
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मुड़ के देखा तो हमें छोड़ के जाती थी हयात

हम ने जाना था कोई बोझ गिरा है सर से

ज़ाहिदा ज़ैदी

ज़िंदगी क्या हुए वो अपने ज़माने वाले

याद आते हैं बहुत दिल को दुखाने वाले

अख़्तर सईद ख़ान

तू कहानी ही के पर्दे में भली लगती है

ज़िंदगी तेरी हक़ीक़त नहीं देखी जाती

अख़्तर सईद ख़ान
आज का शब्द

हाजत

  • haajat
  • حاجت

शब्दार्थ

need /exigency

हाजत नहीं बनाओ की नाज़नीं तुझे

ज़ेवर है सादगी तिरे रुख़्सार के लिए

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में शामिल, शायरी के उदास रंग के लिए विख्यात।

मआल-ए-सोज़-ए-ग़म-हा-ए-निहानी देखते जाओ

भड़क उट्ठी है शम-ए-ज़िंदगानी देखते जाओ

पूर्ण ग़ज़ल देखें
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अन्‍नू कपूर

Urdu in Indian Film Lyrics I Jashn-e-Rekhta 2017

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