आज के चुनिन्दा 5 शेर

कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए

कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिए

दुष्यंत कुमार
  • शेयर कीजिए

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले

ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

अल्लामा इक़बाल

थमते थमते थमेंगे आँसू

रोना है कुछ हँसी नहीं है

बुध सिंह कलंदर
  • शेयर कीजिए

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं

तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख

agreed I am not worthy of your vision divine

behold my zeal, my passion see how I wait and pine

agreed I am not worthy of your vision divine

behold my zeal, my passion see how I wait and pine

अल्लामा इक़बाल

दी शब-ए-वस्ल मोअज़्ज़िन ने अज़ाँ पिछली रात

हाए कम-बख़्त को किस वक़्त ख़ुदा याद आया

दाग़ देहलवी
आज का शब्द

क़ासिद

  • Qaasid
  • قاصد

शब्दार्थ

messenger/envoy

क़ासिद के आते आते ख़त इक और लिख रखूँ

मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में

ere the messenger returns, another letter I

should prepare,I am aware, what she will reply

ere the messenger returns, another letter I

should prepare,I am aware, what she will reply

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य। ' इंक़िलाब ज़िन्दाबाद ' का नारा दिया। कृष्ण भक्त , अपनी ग़ज़ल ' चुपके चुपके, रात दिन आँसू बहाना याद है ' के लिए प्रसिद्ध

है मश्क़-ए-सुख़न जारी चक्की की मशक़्क़त भी

इक तुर्फ़ा तमाशा है 'हसरत' की तबीअत भी

पूर्ण ग़ज़ल देखें
पसंदीदा विडियो
This video is playing from YouTube

सैफ़ महमूद

Urdu Mein Tanz-o-Mizah | Jashn-e-Rekhta 4th Edition 2017

इस विडियो को शेयर कीजिए

ई-पुस्तकें

Shumara Number-005

शाहिद हुसैन रज़्ज़ाक़ी 

1959 saqafat jild 7 shumara 5 may 1959

कुल्लियात-ए-यगाना

यगाना चंगेज़ी 

2003 महाकाव्य

Nuskha-e-Hamidiya

मेहर अफ़शाँ फ़ारूक़ी 

2015 दीवान

अाधे घन्टे का ख़ुदा

कृष्ण चंदर 

1969 अफ़साना

अँधेरे में

रबीन्द्र नाथ टैगोर 

2001 नॉवेल / उपन्यास

अन्य ई-पुस्तकें

नया क्या है

हम से जुड़िये

न्यूज़लेटर

* रेख़्ता आपके ई-मेल का प्रयोग नियमित अपडेट के अलावा किसी और उद्देश्य के लिए नहीं करेगा