साहिर लुधयानवी शायरी

अग्रणी प्रगतिशील शायरों में शामिल। मशहूर फ़िल्म गीतकार।

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ख़ूबसूरत मोड़

चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों

साहिर लुधियानवी

ताज-महल

ताज तेरे लिए इक मज़हर-ए-उल्फ़त ही सही

साहिर लुधियानवी

ऐ शरीफ़ इंसानो

ख़ून अपना हो या पराया हो

साहिर लुधियानवी

जश्न-ए-ग़ालिब

इक्कीस बरस गुज़रे आज़ादी-ए-कामिल को

साहिर लुधियानवी

26 जनवरी

आओ कि आज ग़ौर करें इस सवाल पर

साहिर लुधियानवी

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