उत्तर प्रदेश के शायर और अदीब

कुल: 2351

हास्य-व्यंग्य के नामचीन शायर, अत्यंत लोकप्रिय, सादा और सरल भाषा में खूबसूरत हास्य ग़ज़लें कहीं

नूह नारवी के शागिर्द, शायरी में आवामी रोज़मर्रा को जगह दी. ग़ज़लों के साथ अहम मज़हबी और जनप्रतिनिधियों पर नज़्में लिखीं

हिंदी के नवीकरण के प्रचारक, क्लासिकी शैली में अपनी उर्दू ग़ज़ल के लिए प्रसिद्ध

भारत में समकालीन ग़ज़ल के प्रमुख शायर

लोकप्रिय शायर, लेखक और टीकाकार. ग़ालिब के कलाम की व्याख्या के लिए मशहूर. ‘गंजीना-ए-तहक़ीक़’ नामक शायरी पर आलोचनात्मक लेखों का संग्रह प प्रकाशित हुआ

नामचीन क्लासिकी शायर, दाग़ देहलवी के शागिर्द, मजिस्ट्रेट के पद पर विराजमान रहे

प्रमुख लोकप्रिय शायर जिन्हें ‘उत्साही’ का उपनाम जवाहर लाल नेहरू ने दिया था/उर्दू शायरी को हिंदी के क़रीब लाने के लिए विख्यात

नात, ग़ज़ल और भजन के ख़ास रंगों के मशहूर शायर । उनकी मशहूर ग़ज़ल ' ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूँ ' को कई गायकों ने आवाज़ दी है

सामाजिक असंतुलन, ग़रीबी और असमानता जैसी समस्याओं को शायरी का विषय बनानेवाले शायर

सूफ़ी शायर धार्मिक शायरी के लिए विख्यात

दाग़ के समकालीन, उर्दू और फ़ारसी में शायरी की, आधुनिक शायरी के आंदोलन से प्रभावित होकर नये अंदाज़ की नज़्में भी लिखीं

प्रमुख क्लासिकी शायर, मीर तक़ी ‘मीर’ के समकालीन

दिल्ली में रहने वाले शायर, आकाशवाणी की फ़ारसी सेवा से सम्बद्ध रहे

मीर और सौदा के विवादास्पद समकालीन, दोनों शायरों की आलोचना के शिकार हुए

चर्चित शायर, अफ़साना निगार, लेखक और अनुवादक. विज्ञानं के विषयों पर कई पुस्तकें लिखीं और विश्व साहित्य से अनेक अनुवाद किये

प्रमुख आलोचक, अपनी बेबाकी और परम्परा-विरोध के लिए विख्यात

प्रसिद्ध प्रगतिवादी कथाकार

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