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नज़्में

नज़्म, उर्दू में एक विधा के रूप में, उन्नीसवीं सदी के आख़िरी दशकों के दौरान पैदा हुई और धीरे धीरे पूरी तरह स्थापित हो गई। नज़्म बहर और क़ाफ़िए में भी होती है और इसके बिना भी। अब नसरी नज़्म (गद्द-कविता) भी उर्दू में स्थापित हो गई है।

1900 -1982

लोकप्रिय रूमानी शायर, पाकिस्तान का राष्ट्रगान लिखा

1912 -1973

अपनी ग़ज़ल ' मोहब्बत करने वाले कम होंगे ' के लिए प्रसिध्द जिसे कई गायकों ने गाया है।

1928 -1993

लोकप्रिय और क्रांतिकारी पाकिस्तानी शायर , राजनैतिक दमन के विरोध के लिए प्रसिद्ध

1923 -2009

आधुनिक भारतीय रंग-मंच के अग्रणी हस्ताक्षरों में शामिल। अपने नाटक 'आगरा बाज़ार ' के लिए प्रसिद्ध

1957

पाकिस्तान की अहम शायरात में शामिल

1963

पाकिस्तान से तअल्लुक़ रखने वाली मुन्फ़रिद लब-ओ-लहजे की शायरा

1928 -1983

प्रसिद्ध नज़्म 'कलकत्ता: एक रुबाब' के रचयिता

1927 -1991

क्लासिकी शुऊर और अस्री हिस्सियत के इम्तिज़ाज को तख़लीक़ी इज़हार देने वाले मारूफ़ शायर

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