आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "be-dil"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "be-dil"
ग़ज़ल
दिल शाहजहाँपुरी
नज़्म
मिर्ज़ा बे-दिल
ہے حقيقت يا مري چشم غلط بيں کا فساد
يہ زميں، يہ دشت ، يہ کہسار ، يہ چرخ کبود
अल्लामा इक़बाल
अप्रचलित ग़ज़लें
جوش دل ہے مجھ سے حسن فطرت بیدل نہ پوچھ
قطرے سے میخانۂ دریاے بے ساحل نہ پوچھ
मिर्ज़ा ग़ालिब
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "be-dil"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "be-dil"
ग़ज़ल
वो और होंगे नुफ़ूस बे-दिल जो कहकशाएँ शुमारते हैं
ये रात है पूरे चाँद की हम तिरी मोहब्बत हिसारते हैं
साबिर
कुल्लियात
दिल के गए बे-दिल कहलाए आगे देखिए क्या क्या हों
महज़ूँ होवें मफ़्तूँ होवें मजनूँ होवें रुस्वा हों
मीर तक़ी मीर
कुल्लियात
क्यूँके निकला जाए बहर-ए-ग़म से मुझ बे-दिल के पास
आ के डूबी जाती है कश्ती मिरी साहिल के पास
मीर तक़ी मीर
कुल्लियात
बे-दिल हुए बे-दीं हुए बे-वक़्र हम अत-गत हुए
बे-कस हुए बेबस हुए बे-कल हुए बे-गत हुए
मीर तक़ी मीर
शायरी के अनुवाद
सामान-ए-ए'तिबार पे 'बे-दिल' न कर ग़ुरूर
उड़ता है रंग गरचे नहीं रखता बाल-ओ-पर
अब्दुल क़ादिर बेदिल देहलवी
शायरी के अनुवाद
मिटाना ज़ुल्म से है ग़ैर-मुमकिन ज़ुल्म को 'बे-दिल'
बुझाई है किसी ने आग आब-ए-तेग़-ओ-ख़ंजर से

