आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "duhal"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "duhal"
नज़्म
रात और रेल
वो हवा में सैकड़ों जंगी दुहल बजते हुए
वो बिगुल की जाँ-फ़ज़ाँ आवाज़ लहराती हुई
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
लहु नज़्र दे रही है हयात
बग़ावतों के दुहल बज रहे हैं चार तरफ़
निकल रहे हैं जवाँ मिशअलें जलाए हुए
साहिर लुधियानवी
नज़्म
दर-ए-उमीद के दरयूज़ा-गर
फिर दुहल करने लगे तशहीर-ए-इख़लास-ओ-वफ़ा
कुश्ता-ए-सिदक़-ओ-सफ़ा का दिल जलाने के लिए
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
मुनाफ़िक़ शाइ'र
या कभी फिर दाद देता हूँ ब-आवाज़-ए-दुहल
साथ वालों की तरफ़ फिर आँख मिचकाता हूँ मैं
प्रेम लाल शिफ़ा देहलवी
ग़ज़ल
जफ़ा-ए-नाज़ अगर है ब-बांग-ए-तब्ल-ओ-दुहल
तो दिल-दुखों का गिला सुर्मा-दर-गुलू ही सही
मुज़फ़्फ़र शिकोह
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "duhal"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
muhaal
मुहालمُہال
(चीनी बनाने का कार्य) चीनी के घटक या कण, जो राब घुलने के बाद थैले के अंदर आपस में चिपक कर ढेले या डले के आकार के बन जाएँ
अन्य परिणाम "duhal"
नज़्म
बजते हैं दुहल
जरस-ए-वक़्त की आवाज़ खिलाती है कँवल
मौज-ए-अन्फ़ास है या बजते हैं सीनों में दुहल
हुरमतुल इकराम
ग़ज़ल
उस की सुख़न-तराज़ियाँ मेरे लिए भी ढाल थीं
उस की हँसी में छुप गया अपने ग़मों का हाल भी
परवीन शाकिर
नज़्म
तन्हाई
ढल चुकी रात बिखरने लगा तारों का ग़ुबार
लड़खड़ाने लगे ऐवानों में ख़्वाबीदा चराग़
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
याद
यूँ गुमाँ होता है गरचे है अभी सुब्ह-ए-फ़िराक़
ढल गया हिज्र का दिन आ भी गई वस्ल की रात
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
बज़्म-ए-ख़याल में तिरे हुस्न की शम्अ जल गई
दर्द का चाँद बुझ गया हिज्र की रात ढल गई

