आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "farhan akhtar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "farhan akhtar"
ग़ज़ल
नहीं अपनी ख़बर 'फ़रहान' को लेकिन ब-सद हैरत
वो अपने साथ हर दम सुब्ह का अख़बार रखता है
फ़रहान हनीफ़ वारसी
अन्य परिणाम "farhan akhtar"
शेर
अव्वल अव्वल तो इस को सब दिलचस्पी से पढ़ते हैं
जैसे मेरा चेहरा भी अख़बार का कोई कॉलम हो
फ़रहान हनीफ़ वारसी
ग़ज़ल
तिरे मिलने से ही ठंडा दिल-ए-आतिश-फ़शाँ होगा
ज़रा सी आँच होगी कम जो सीने में धुआँ होगा
अख़्तर आज़मी
ग़ज़ल
दिल न करे अगर यक़ीं दिल पे है इख़्तियार क्या
आप पे ए'तिबार है वा'दे का ए'तिबार क्या
सय्यद अख़्तर अली अख़्तर
ग़ज़ल
जब ब-फ़ैज़ान-ए-जुनूँ परचम-ए-ज़र खुलते हैं
क़ुफ़्ल-ए-शब तोड़ के अनवार-ए-सहर खुलते हैं
अख़्तर ज़ियाई
ग़ज़ल
मोहब्बत की डगर पर अब निकल आया है दीवाना
बहुत लम्बे सफ़र पर अब निकल आया है दीवाना