आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "raaz-daar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "raaz-daar"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "raaz-daar"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "raaz-daar"
ग़ज़ल
वो समझता है उसे जो राज़-दार-ए-नग़्मा है
आह कहते हैं जिसे सिर्फ़ इक शरार-ए-नग़्मा है
नाज़िश प्रतापगढ़ी
ग़ज़ल
जो राह-ए-हक़ में मरने के लिए तय्यार हो जाए
नज़र में उस की बाज़ीचा फ़राज़-ए-दार हो जाए
ख़लील-उर-रहमान राज़
ग़ज़ल
था एक राज़-दार-ए-मोहब्बत से लुत्फ़-ए-ज़ीस्त
लेकिन वो राज़-दार-ए-मोहब्बत कहाँ मिला
जमीलुद्दीन आली
नज़्म
सानेहा
वो राज़-दार-ए-महफ़िल-ए-याराँ नहीं रहा
वो ग़म-गुसार-ए-बज़्म-ए-अरीफ़ाँ चला गया
असरार-उल-हक़ मजाज़
ग़ज़ल
डरते न थे दराज़ी-ए-शाम-ए-फ़िराक़ से
हम राज़-दार-ए-सिलसिला-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार थे

