आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",raO"
शेर के संबंधित परिणाम ",rao"
शेर
तू परिंदों की तरह उड़ने की ख़्वाहिश छोड़ दे
बे-ज़मीं लोगों के सर पर आसमाँ रहता नहीं
अफ़ज़ल गौहर राव
शेर
ये कैसे ख़्वाब की ख़्वाहिश में घर से निकला हूँ
कि दिन में चलते हुए नींद आ रही है मुझे
अफ़ज़ल गौहर राव
शेर
क्या मुसीबत है कि हर दिन की मशक़्क़त के एवज़
बाँध जाता है कोई रात का पत्थर मुझ से