आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ba.dhte"
शेर के संबंधित परिणाम "ba.dhte"
शेर
कटते भी चलो बढ़ते भी चलो बाज़ू भी बहुत हैं सर भी बहुत
चलते भी चलो कि अब डेरे मंज़िल ही पे डाले जाएँगे
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शेर
वो जब मुझ को देख रही थी मैं ने उस को देख लिया था
बस इतनी सी बात थी लेकिन बढ़ते बढ़ते कितनी बढ़ी है
अमीक़ हनफ़ी
शेर
हम ने माँगा था सहारा तो मिली इस की सज़ा
घटते बढ़ते रहे हम साया-ए-दीवार के साथ