आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "husn-e-mah-e-chaar-dah"
शेर के संबंधित परिणाम "husn-e-mah-e-chaar-dah"
शेर
तू अगर नाज़ाँ है अपने हुस्न पर माह-ए-मुबीं
दिल भी वो ज़र्रा है जिस की रौशनी कुछ कम नहीं
अफ़सर नारवी
शेर
लुत्फ़-ए-शब-ए-मह ऐ दिल उस दम मुझे हासिल हो
इक चाँद बग़ल में हो इक चाँद मुक़ाबिल हो
मिर्ज़ा मोहम्मद तक़ी हवस
शेर
फ़क़त माल-ओ-ज़र-ए-दीवार-ओ-दर अच्छा नहीं लगता
जहाँ बच्चे नहीं होते वो घर अच्छा नहीं लगता