आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mailaa"
शेर के संबंधित परिणाम "mailaa"
शेर
मेरी फ़िक्र नहीं है तुझ को अपनी फ़िक्र तो करनी होगी
तेरा नाम भी मैला होगा मेरी भी रुस्वाई में
अशहद करीम उल्फ़त
शेर
कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो