आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "gholte"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "gholte"
ग़ज़ल
पी पी पपीहे बोलते होंगे कानों में रस घोलते होंगे
ठुमरी होगी कोयल की कू कजरी कागा की काओं रे
ग़ौस सीवानी
ग़ज़ल
हम फ़ज़ा में घोलते हैं ज़हर ख़ुद सोचों का अपनी
साँस लेने के लिए फिर ख़ुद हवा को ढूँडते हैं
फ़रह इक़बाल
ग़ज़ल
घोलते हैं किस लिए वो चश्मा-ए-हैवाँ में ज़हर
काम लेते हैं तबस्सुम से वो क्यूँ तहक़ीर का
सय्यद हामिद
ग़ज़ल
रस घोलते शीरीं लफ़्ज़ों की तासीर से ख़ुश्बू आती है
अंदाज़-ए-बयाँ से लहजे से तक़रीर से ख़ुश्बू आती है
मुईद रशीदी
ग़ज़ल
हुए इत्तिफ़ाक़ से गर बहम तो वफ़ा जताने को दम-ब-दम
गिला-ए-मलामत-ए-अक़रिबा तुम्हें याद हो कि न याद हो
मोमिन ख़ाँ मोमिन
ग़ज़ल
जो भी मिला उसी का दिल हल्क़ा-ब-गोश-ए-यार था
उस ने तो सारे शहर को कर के ग़ुलाम रख दिया
अहमद फ़राज़
ग़ज़ल
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
अभी रात कुछ है बाक़ी न उठा नक़ाब साक़ी
तिरा रिंद गिरते गिरते कहीं फिर सँभल न जाए