aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "meter"
हम वो पहिए जो अगर साथ बराबर न चलेएक मीटर भी ये गाड़ी नहीं चलने वाली
क्यों नहीं मुझ से पूछता तिरा दोस्तख़ैर तो है कहाँ गया तिरा दोस्त
जब मुलाक़ात करना पड़ती हैतब हमें रात करना पड़ती है
वो ख़ुशी भी ख़ुशी से होती हैजो तिरी एक जी से होती है
ज़िंदगी कुछ दिन ऐसे दो हम कोहम उसे चाहें और वो हम को
आप के आने से इक ऐसी फ़ज़ा बनती हैहम जहाँ साँस भी खींचें तो हवा बनती है
जिस ने दुनिया से बग़ावत कर लीऐसे दिल पर भी हुकूमत कर ली
हम तिरे दिल से निकल आए मगर क्या निकलेजिस तरह कोई समुंदर में से प्यासा निकले
अगर मुझ को ज़मीं होना पड़ेगाजहाँ तुम हो वहीं होना पड़ेगा
मैं कभी रखना अगर चाहूँ मिरे यार रदीफ़होने लगती है मुझे देख के बेज़ार रदीफ़
न मेटे मिट सकीं तन्हाइयाँ मुक़द्दर कीकि रह के बाग़ में भी है शजर शजर तन्हा
क्या ख़बर थी इंक़लाब आसमाँ हो जाएगाक़ोरमा क़लिया नसीब-ए-अहमक़ां हो जाएगा
'ऐब भी तेरे हुनर लगते हैंतेरी फ़ुर्क़त का समर लगते हैं
दर्द की आँख से तेरे ग़म का लहूबन के सैलाब बहने लगा चार-सू
कोई मौसम भी सज़ा-वार-ए-मोहब्बत नहीं अबज़र्द पत्तों को हवाओं से शिकायत नहीं अब
शरीक-ए-जुर्म बनाया हुआ है उस ने मुझेतभी ख़मोश कराया हुआ है उस ने मुझे
करते हैं अगर भाई पे एहसान मिरे भाईगिनते नहीं फिर फ़ाएदा नुक़्सान मिरे भाई
मैं तुझ से भी ज़ियादा चमकदार था कभीजो तेरा यार है वो मिरा यार था कभी
किसे पता है कि क्या क्या तिरी ज़रूरत हैहमें किसी की नहीं या तिरी ज़रूरत है
तू तो दिल पर सवार होता थाज़ह्न पर रोज़गार होता था
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books