आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "daaG-e-sar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "daaG-e-sar"
नज़्म
क़ुमरियाँ मीठे सुरों के साज़ ले कर आ गईं
बुलबुलें मिल-जुल के आज़ादी के गुन गाने लगीं
सय्यदा शान-ए-मेराज
नज़्म
मैं ख़ुद हूँ आबला-पा कम-नसीब ख़ाक-बसर
है मेरी बज़्म फ़रोज़ाँ ब-फ़ैज़-ए-दाग़-ए-जिगर
बनो ताहिरा सईद
नज़्म
तू ने इक दिल को मिरे दर्स-ए-मोहब्बत न दिया
और फिर जान के दाग़-ए-ग़म-ए-फ़ुर्क़त न दिया
शकील बदायूनी
नज़्म
दाग़-ए-गुल-ओ-ग़ुंचा के बदले महकी हुई ख़ुश्बू लेंगे
मिली ख़लिश पर ज़ख़्म-ए-जिगर की इस आबाद ख़राबे में
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
मैं दर्द-ओ-दाग़-ए-यतीमी में यूँ रहा महसूर
पिदर से कुछ न मिला मामता से कुछ न मिला