आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ginaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ginaa"
नज़्म
बशर नवाज़
नज़्म
दिलों के अंदर छुपे बुतों को मिटा रहे हो
दिलों के अंदर छुपे दरिंदों को संग-ए-सब्र-ओ-ग़िना से
वहीद क़ुरैशी
नज़्म
अंफ़ाल रफ़ीक़
नज़्म
हम पे मुश्तरका हैं एहसान ग़म-ए-उल्फ़त के
इतने एहसान कि गिनवाऊँ तो गिनवा न सकूँ
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
अन-गिनत लोगों ने दुनिया में मोहब्बत की है
कौन कहता है कि सादिक़ न थे जज़्बे उन के