आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sunaataa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "sunaataa"
नज़्म
उमीदें डाल कर आँखों में आँखें मुस्कुराती हैं
ज़माना जुम्बिश-ए-मिज़्गाँ से अफ़्साने सुनाता है
अली सरदार जाफ़री
नज़्म
हर इक ज़र्रा फ़ज़ा का दास्तान उस की सुनाता है
हर इक झोंका हवा का आ के देता है पयाम उस का