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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
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मुम्मताज़ मिर्ज़ा

1929 - 1997

मुम्मताज़ मिर्ज़ा की ई-पुस्तक

मुम्मताज़ मिर्ज़ा द्वारा अनूदित पुस्तकें

1

शेर शाह सूरी

1990

Recitation

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