Altaf Hussain Hali's Photo'

अल्ताफ़ हुसैन हाली

1837 - 1914

उर्दू आलोचना के संस्थापकों में शामिल/महत्वपूर्ण पूर्वाधुनिक शायर/मिजऱ्ा ग़ालिब की जीवनी ‘यादगार-ए-ग़ालिब लिखने के लिए प्रसिद्ध

उर्दू आलोचना के संस्थापकों में शामिल/महत्वपूर्ण पूर्वाधुनिक शायर/मिजऱ्ा ग़ालिब की जीवनी ‘यादगार-ए-ग़ालिब लिखने के लिए प्रसिद्ध

ग़ज़ल 28

नज़्म 10

शेर 47

फ़रिश्ते से बढ़ कर है इंसान बनना

मगर इस में लगती है मेहनत ज़ियादा

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जानवर आदमी फ़रिश्ता ख़ुदा

आदमी की हैं सैकड़ों क़िस्में

barbaric and human, angelic, divine

man, by many names, one may well define

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man, by many names, one may well define

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सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती

चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की

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रुबाई 18

हास्य 1

 

लतीफ़े 4

 

ई-पुस्तक 179

अद्दीन-ओ-यूसर

 

1909

अफ़्कार-ए-हाली

 

1976

अहसन-उल-इंतिख़ाब

 

1936

अल्ताफ़ हुसैन हाली

तहक़ीक़ी-ओ-तन्क़ीदी जाइज़े

2009

अलताफ़ हुसैन हाली

 

 

Altaf Husain Hali : Himayat Se Inheraf Tak

 

2004

बच्चों के अल्ताफ़ हुसैन हाली

 

2011

Bachchon Ke Hali

 

 

Bachchon Ke Hali

 

1965

Bachchon Ke Hali

 

1983

वीडियो 9

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सत्या मुआसिर

सत्या मुआसिर

सत्या मुआसिर

अब वो अगला सा इल्तिफ़ात नहीं

फ़िरदौसी बेगम

आगे बढ़े न क़िस्सा-ए-इश्क़-ए-बुताँ से हम

मेहदी हसन

आलिम ओ जाहिल में क्या फ़र्क़ है

सत्या मुआसिर

मिट्टी का दिया

झुटपुटे के वक़्त घर से एक मिट्टी का दिया अज्ञात

है जुस्तुजू कि ख़ूब से है ख़ूब-तर कहाँ

अज्ञात

ऑडियो 8

कब्क ओ क़ुमरी में है झगड़ा कि चमन किस का है

कर के बीमार दी दवा तू ने

ख़ूबियाँ अपने में गो बे-इंतिहा पाते हैं हम

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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