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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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मसूद अख़्तर जमाल

1915 - 1981

राष्ट्रीय और देशभक्ति की नज़्मों के शायर,“बाग़ी का तराना”जैसी मशहूर नज़्म के रचयिता,नज़्म “ग़रीबों का गीत”को पंडित नेहरू ने भारत का उद्देश्य कहा था

राष्ट्रीय और देशभक्ति की नज़्मों के शायर,“बाग़ी का तराना”जैसी मशहूर नज़्म के रचयिता,नज़्म “ग़रीबों का गीत”को पंडित नेहरू ने भारत का उद्देश्य कहा था

मसूद अख़्तर जमाल की ई-पुस्तक

मसूद अख़्तर जमाल की पुस्तकें

4

Kaarwaan-e-Azadi

Paighambar-e-Islam

Lala-e-Shadab

नौरस

Recitation

Jashn-e-Rekhta 10th Edition | 5-6-7 December Get Tickets Here

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