शेर

विषयानुसार हज़ारों लोकप्रिय शेर


  • ख़ाक थी और जिस्म ओ जाँ कहते रहे
    चंद ईंटों को मकाँ कहते रहे

    साग़र मेहदी

  • पूछिए मय-कशों से लुत्फ़-ए-शराब
    ये मज़ा पाक-बाज़ क्या जानें

    दाग़ देहलवी

  • ज़िंदगी के उदास लम्हों में
    बेवफ़ा दोस्त याद आते हैं

    अज्ञात

  • ज़ाहिद शराब पीने से काफ़िर हुआ मैं क्यूँ
    क्या डेढ़ चुल्लू पानी में ईमान बह गया

    शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

  • गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है
    तबस्सुम की सज़ा कितनी बड़ी है

    अब्दुल हमीद अदम

  • फिर बैठे बैठे वादा-ए-वस्ल उस ने कर लिया
    फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतिज़ार का

    अमीर मीनाई

  • 'ज़ौक़' जो मदरसे के बिगड़े हुए हैं मुल्ला
    उन को मय-ख़ाने में ले आओ सँवर जाएँगे

    शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

  • दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
    तुझ से भी दिल-फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के

    फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • रौशनी के लिए दिल जलाना पड़ा
    कैसी ज़ुल्मत बढ़ी तेरे जाने के बअ'द

    ख़ुमार बाराबंकवी

  • वो क्या गए कि नींद भी आँखों से ले गए
    यानी कि ख़्वाब में भी न आए तमाम रात

    अज्ञात

  • बच जाए जवानी में जो दुनिया की हवा से
    होता है फ़रिश्ता कोई इंसाँ नहीं होता

    रियाज़ ख़ैराबादी

  • जैसे मिरी निगाह ने देखा न हो कभी
    महसूस ये हुआ तुझे हर बार देख कर

    शाद अज़ीमाबादी

  • यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है
    हवा की ओट भी ले कर चराग़ जलता है

    मंज़ूर हाशमी

  • न जाने किस लिए उम्मीद-वार बैठा हूँ
    इक ऐसी राह पे जो तेरी रहगुज़र भी नहीं

    फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • सज़ा के झेलने वाले ये सोचना है गुनाह
    कोई क़ुसूर भी तुझ से कभी हुआ कि नहीं

    राज़ यज़दानी

चित्रित शायरी

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