aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
साक़िब 1904 में कानपुर में पैदा हुए. शाह अबू मुहम्मद नाम था. दर्से निज़ामी की शिक्षा प्राप्त की. बहुत छोटी उम्र से ही शेर कहने लगे थे. अहसनुल्लाह खां अहसन के शागिर्द हुए.
साक़िब कानपुरी ने शायरी के साथ नस्र में भी लिखा. साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर उनके आलेख प्रसिद्ध पत्रिकाओं और अख़बारात में छपते थे. उन्होंने ‘नज़ारा’ के नाम से एक साहित्यिक पत्रिका भी प्रकाशित की. 07 दिसम्बर 1985 को कानपुर में देहांत हुआ.