aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
पहचान: एडवेंचर फिक्शन के प्रसिद्ध लेखक, “लॉस्ट वर्ल्ड” विधा के प्रवर्तक और विश्वप्रसिद्ध उपन्यास 'King Solomon’s Mines' के रचयिता
सर हेनरी राइडर हैगार्ड एक ब्रिटिश लेखक थे, जिन्हें रोमांचक कथाओं और साहसिक उपन्यासों के लिए विश्वव्यापी ख्याति प्राप्त है। उन्हें साहित्य में “लॉस्ट वर्ल्ड” (गुमशुदा दुनिया) विधा के प्रवर्तकों में माना जाता है। उनकी रचनाओं में अफ्रीका के रहस्यमय प्रदेशों और प्राचीन सभ्यताओं का चित्रण विशेष रूप से मिलता है।
हेनरी राइडर हैगार्ड का जन्म 22 जून 1856 को ब्रेडनहम, नॉरफ़ॉक, इंग्लैंड में हुआ। वे दस भाई-बहनों में आठवें थे। उनके पिता एक बैरिस्टर थे, जो उन्हें विशेष प्रतिभाशाली नहीं मानते थे; इसी कारण उन्हें अपने बड़े भाइयों की तरह महंगे निजी विद्यालयों में न भेजकर इप्सविच ग्रामर स्कूल में पढ़ाया गया। सेना की प्रवेश परीक्षा में असफल होने के बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका भेज दिया गया।
अफ्रीका ने हैगार्ड के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। 1875 में वे नेटाल (दक्षिण अफ्रीका) के गवर्नर के सचिव के सहायक के रूप में वहाँ पहुँचे। ट्रांसवाल पर ब्रिटिश अधिकार के समय वे उपस्थित थे और वहाँ यूनियन जैक फहराने में सहभागी रहे। अफ्रीका में रहते हुए वे वहाँ की प्राचीन सभ्यताओं, जनजातियों और रहस्यमय कथाओं से अत्यधिक प्रभावित हुए, जिनकी छाप बाद में उनके उपन्यासों में स्पष्ट दिखाई देती है।
इंग्लैंड लौटकर हैगार्ड ने वकालत शुरू की, किंतु उनकी वास्तविक रुचि लेखन में थी। अतः उन्होंने बच्चों और युवाओं के लिए साहसिक उपन्यास लिखने का निश्चय किया।
1885 में प्रकाशित उनके प्रसिद्ध उपन्यास King Solomon’s Mines ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई। इस उपन्यास का नायक ऐलन क्वॉटरमेन उनका सबसे प्रसिद्ध पात्र है, जो उनके अठारह उपन्यासों में दिखाई देता है। प्रसिद्ध फिल्मी पात्र इंडियाना जोन्स इसी चरित्र से प्रेरित माना जाता है।
उनका उपन्यास She अमर रानी “आयशा” पर आधारित है और इसकी 8.3 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिक चुकी हैं। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कार्ल युंग ने इस पात्र को मानव मनोविज्ञान के एक महत्त्वपूर्ण प्रतीक के रूप में देखा।
राइडर हैगार्ड के अनेक उपन्यासों का उर्दू में अनुवाद मज़हरुल हक़ अलवी, एम. जे. आलम तथा अन्य अनुवादकों ने किया, जिनके माध्यम से उर्दू पाठक भी उनकी रोमांचक दुनिया से परिचित हुए।
राइडर हैगार्ड केवल लेखक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य में कृषि सुधार और भूमि उपयोग से संबंधित अनेक आयोगों में भी कार्य किया। उनकी सेवाओं के सम्मान में 1912 में उन्हें “नाइट” की उपाधि दी गई और 1919 में Knight Commander of the Order of the British Empire (KBE) नियुक्त किया गया।
हैगार्ड की रचनाओं का मूल्यांकन अक्सर उपनिवेशवाद के संदर्भ में किया जाता है। जहाँ एक ओर उन पर नस्लीय रूढ़ियों के आरोप लगाए गए, वहीं दूसरी ओर उनके उपन्यासों में कई अफ्रीकी पात्रों—विशेषकर ज़ुलु योद्धाओं—को वीर और नायक के रूप में चित्रित किया गया, जो उस युग के ब्रिटिश साहित्य में असाधारण था।
निधन: राइडर हैगार्ड का निधन 14 मई 1925 को लंदन में हुआ।