aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम ",10A"
ایسے چمن کھلے ہیں کہ دنیا بہشت ہے 10
हम वफ़ादार नहीं तू भी तो दिलदार नहीं! लिहाज़ा हम तफ़सीलात से एह्तिराज़ करेंगे। हालाँकि दिल ज़रूर चाहता है कि ज़रा तफ़सील के साथ मिनजुम्ला दीगर मुश्किलात के इस सरासीमगी को बयान करें जो उस वक़्त महसूस होती है जब हमसे अज़ रूए हिसाब ये दरयाफ़्त करने को कहा जाये...
(10) झूट न बोलो। ये सब बातें ‘नरायन के दस अहकाम’ के उनवान तले उसने अपनी एक नोटबुक में लिख रखी हैं जिन से उसके कैरेक्टर का बख़ूबी अंदाज़ा हो सकता है। लोग कहते हैं कि वो इन सब पर अमल नहीं करता। मगर ये हक़ीक़त नहीं। सईद और नरायन...
(9) मुसहफ़ी के शे’र की निशानदेही मसऊद हसन रिज़वी अदीब ने की है। हुस्न-ए-इत्तिफ़ाक़ है कि चारों शोअरा (या ख़ाक़ानी के तीनों ख़ोशा चीनों) ने ख़ाक़ानी की तरह ये ख़्याल मक़्ते में ही बाँधा। (10) We are such stuff as dreams are made on and our little life is rounded...
(10) जब मोहब्बत के अंधे देवता की आँखें पैदा होती हैं।...
महत्वपूर्ण प्रगतिशील शायर। उनकी कुछ ग़ज़लें ' बाज़ार ' और ' गमन ' , जैसी फिल्मों से मशहूर
अग्रणी आधुनिक शायर और कहानिकार, भारत में आधुनिक उर्दू नज़्म के विकास में महत्वपूर्ण यागदान, पद्मश्री से सम्मानित।
उर्दू के युवा लेखकों की टॉप 10 कहानी पुस्तकें यहाँ पढ़ें। इस पेज में युवा फिक्शन लेखकों का सबसे अच्छा संग्रह है, जिसे रेख़्ता ने ई-बुक पाठकों के लिए चुना है।
हाحا
लंबी और तेज़ ज़बान औरत
भبھ
the fourth letter of the Urdu alphabet
भाبھا
चमक; दीप्ति
गाگا
कार्तिकेय,विष्णु
105 Bade Aadmi
हबीबुल्लाह खाँ
जीवनी
100 Lafzon Ki Sau Kahaniyan
रेहान कौसर
अफ़साना
Islam Ke Baare Mein 100 Sawaal
इमाम मोहम्मद ग़ज़ाली
Zauq, Sauda, Dard, Zafar Ki 100 Mashhoor Ghazlein
इम्तियाज़ अली
संकलन
Shumara Number-109
मोहम्मद तुफ़ैल
Apr, May 1968नुक़ूश, लाहौर
Qisas-ul-Auliya
मौलाना अशरफ़ अली थानवी
हिकायात
Khutoot Number: Shumara Number-109
Shumara Number-108
Sep 1967नुक़ूश, लाहौर
Hazrat Ali Murtaza Ke 100 Qisse
मुहम्मद सिद्दीक
इस्लामियात
Izzat Ke Liye
सआदत हसन मंटो
शोध एवं समीक्षा
Shumara Number-110
Nov 1968नुक़ूश, लाहौर
Muslim Taleem-e-Niswan Ke 100 Saal
राहत अबरार
Shumara Number-100
अब्दुल वहीद सिद्दीक़ी
Nov 1974हुमा उर्दू डाइजेस्ट
Shumara Number-001-100
अननोन एडिटर
जर्नल, ख़ुदा बख़्श लाइब्रेरी पटना
इस ज़माने में सौ फ़ी-सद सच्च बोल कर ज़िंदगी करना ऐसा ही है जैसे बज्री मिलाए बग़ैर सिर्फ सिमेंट से मकान बनाना।...
बदल के केचुली जिस तरह नाग लहराए10
یہ پانی پانی کہتی تھی زہرا کے پیارے سے 10
کتنے بت ہیں کہ ترشتے ہی چلے جاتے ہیں 10
10خیمہ میں ابن سعد کے مجمع تھا بے شمار
एफ़.बी. पटाख़ा 10 अगस्त...
“वल्लाह! मैं तो यह तसव्वुर करने की भी जुर्अत नहीं कर सकता कि दाई ने उन्हें चूड़ीदार के बग़ैर देखा होगा। भरी-भरी पिंड्लियों पर ख़ूब खब्ता था। हाथ के बुने रेश्मी ईज़ारबंद में चाबियोँ का गुच्छा छनछनाता रहता। जो ताले बरसों पहले बेकार हो गए थे उनकी चाबियाँ भी उस...
عقرب پئے اقارب شمر و عمر لیے 10
गूँगी के दिल में बीसियों नश्तर चुभ गए। ज़मींदार की लड़कियाँ तो हँसती हुई आगे निकल गईं और उन्हें गूँगी की उस वक़्त ख़बर मिली जब वो टाँगे की लपेट में आकर ज़ख़्मी हो चुकी थी। (10)...
ख़लाई स्टेशन 110008 में जब वो अपनी अ’ज़ीज़ दोस्त की शादी की तक़रीब में एक घंटा की छुट्टी पर गई तो एक लंबे अ’र्से बा’द उसकी अपनी दूसरी दोस्तों और साथियों से मुलाक़ात हुई, उनमें बहुत से लोग ज़मीन पर और बहुत से चाँद और ज़ुहरा पर उसके साथ काम...
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