आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",xbl"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ",xbl"
ग़ज़ल
उमैर नजमी
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ",xbl"
ग़ज़ल
जो बारिशों से क़ब्ल अपना रिज़्क़ घर में भर चुका
वो शहर-ए-मोर से न था प दूरबीं बला का था
परवीन शाकिर
ग़ज़ल
तिरे दुख में हमारे बाल चाँदी हो गए हैं
और इस चाँदी ने क़ब्ल अज़ वक़्त बूढ़ा कर दिया है
हसन अब्बास रज़ा
नज़्म
ख़ुद से मिलने की फ़ुर्सत किसे थी
मिरा हौसला
अपने दिल पर बहुत क़ब्ल ही मुन्कशिफ़ हो गया होता