आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "andaaz-e-karam"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "andaaz-e-karam"
ग़ज़ल
जिन में कुछ लुत्फ़ और अंदाज़-ए-करम भी कुछ हैं
तुम ही इंसाफ़ से कह दो सितम भी कुछ हैं
फ़ज़ल हुसैन साबिर
ग़ज़ल
उन के अंदाज़-ए-करम उन पे वो आना दिल का
हाए वो वक़्त वो बातें वो ज़माना दिल का
पीर सय्यद नसीरुद्दीन नसीर गीलानी
अन्य परिणाम "andaaz-e-karam"
ग़ज़ल
हिर-फिर के सदा रेवड़ी अपनों ही को बाँटी
हम आप का अंदाज़-ए-करम देख रहे हैं
किशन लाल ख़न्दां देहलवी
शेर
पर्दा-ए-लुत्फ़ में ये ज़ुल्म-ओ-सितम क्या कहिए
हाए ज़ालिम तिरा अंदाज़-ए-करम क्या कहिए