आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bhaa.D"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bhaa.D"
ग़ज़ल
ना-चीज़ आप जानते हैं इस क़दर मुझे
उल्फ़त तो जावे भाड़ में कीने पे हर्फ़ है
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
ग़ज़ल
शैख़ मय-ख़ाना की मत चल राह मय-ख़्वारों से डर
मिल के दो बद-मस्त देंगे आप की सज वाँ बिगाड़