आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "balbe"
नज़्म के संबंधित परिणाम "balbe"
नज़्म
तुम अपनी माम के बेहद मुरादी मिन्नतों वाले
मिरे कुछ भी नहीं कुछ भी नहीं कुछ भी नहीं बाले
जौन एलिया
नज़्म
हवस बाला-ए-मिम्बर है तुझे रंगीं-बयानी की
नसीहत भी तिरी सूरत है इक अफ़्साना-ख़्वानी की
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
नज़र आता है यूँ लगता है जैसे ये बला-ए-जाँ
मिरा हम-ज़ाद है हर गाम पर हर मोड़ पर जौलाँ
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
जन्नत-ए-नज़ारा है नक़्श-ए-हवा बाला-ए-आब
मौज-ए-मुज़्तर तोड़ कर ता'मीर करती है हबाब
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
इक दफ़्तर-ए-मज़ालिम-ए-चर्ख़-ए-कुहन खुला
वा था दहान-ए-ज़ख़्म कि बाब-ए-सुख़न खुला
चकबस्त बृज नारायण
नज़्म
खोलती है हवाओं में बाब-ए-असर
तुझ को रखती है ये जे़ब-ए-दार-ए-सफ़र बे-क़रार-ए-सफ़र
अमजद इस्लाम अमजद
नज़्म
बला-ए-बे-अमाँ है तौर ही इस के निराले हैं
कि इस ने ग़ैज़ में उजड़े हुए घर फूँक डाले हैं
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
इफ़्तिख़ार आरिफ़
नज़्म
या ख़्वाब-ए-परेशाँ दुनिया का बाला-ए-फ़ज़ा मंडलाता है
चलती है ज़माने में आँधी शाएर के तुंद ख़यालों की
जमील मज़हरी
नज़्म
ये ला-सिलकी, ये टेलीफ़ोन ये रेलें, ये तय्यारे
ये ज़ेर-ए-आब ओ बाला-ए-फ़लक इंसाँ की तर्रारी
अहमक़ फफूँदवी
नज़्म
रख भी दे अब इस किताब-ए-ख़ुश्क को बाला-ए-ताक़
उड़ रहा है रंग-ओ-बू की बज़्म में तेरा मज़ाक़