आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "chit"
नज़्म के संबंधित परिणाम "chit"
नज़्म
मैं रुकूँ तो ज़माँ गर्दिशें रोक कर बैठ जाए
आसमाँ थक के सहरा के बिस्तर पे चित गिर पड़े
अली मोहम्मद फ़र्शी
नज़्म
बिल-आख़िर फुसून-ए-रिया टूटता है
निगह एक तस्वीर के चौखटे पर लगी चिट पर आ कर रुकी है
अफ़ज़ल परवेज़
नज़्म
हूक सी सीने में उठ्ठी चोट सी दिल पर पड़ी
ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ ऐ वहशत-ए-दिल क्या करूँ