आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "punjabi"
नज़्म के संबंधित परिणाम "punjabi"
नज़्म
जो फ़र्क़ समझते हैं अब तक हिन्दी सिंधी पंजाबी में
इन अक़्ल के पूरे लोगों से लड़ने की हिमाक़त कौन करे
अबुल फ़ितरत मीर ज़ैदी
नज़्म
शुमाल-ए-जावेदाँ अपना शुमाल-ए-जावेदान-ए-जाँ
है अब भी अपनी पूँजी इक मलाल-ए-जावेदान-ए-जाँ
जौन एलिया
नज़्म
कुछ काम न आवेगा तेरे ये लाल-ओ-जमुर्रद सीम-ओ-ज़र
जब पूँजी बाट में बिखरेगी हर आन बनेगी जान ऊपर
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
'गाँधी' हो कि 'ग़ालिब' हो इंसाफ़ की नज़रों में
हम दोनों के क़ातिल हैं दोनों के पुजारी हैं
साहिर लुधियानवी
नज़्म
हम प्रेम पुजारी हैं तो प्रेम कन्हैय्या है
तो प्रेम कन्हैय्या है ये प्रेम की नय्या है