आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "saaya-e-baal-e-humaa-e-ra.nj"
नज़्म के संबंधित परिणाम "saaya-e-baal-e-humaa-e-ra.nj"
नज़्म
गुलशन-ए-याद में गर आज दम-ए-बाद-ए-सबा
फिर से चाहे कि गुल-अफ़शाँ हो तो हो जाने दो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
फैज़ तबस्सुम तोंसवी
नज़्म
जिस की दुनिया फ़क्र-ओ-फ़ाक़ा जिस की क़िस्मत रंज-ओ-ग़म
जब्र-ए-क़ुदरत ही ने जिस को कर दिया बे-बाल-ओ-पर
अब्दुल क़य्यूम ज़की औरंगाबादी
नज़्म
नोहा-ख़्वान-ओ-ना'रा-ज़न था बाल-गंगा-धर-तिलक
वाक़िफ़-रंज-ओ-मेहन था बाल-गंगा-धर-तिलक