जौन एलिया की मुन्तख़ब नज़्में

पाकिस्तान के अग्रणी

आधुनिक शायरों में से एक, अपने अपारम्परिक अंदाज़ के लिए मशहूर।

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रम्ज़

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे

जौन एलिया

सज़ा

हर बार मेरे सामने आती रही हो तुम

जौन एलिया

दरीचा-हा-ए-ख़याल

चाहता हूँ कि भूल जाऊँ तुम्हें

जौन एलिया

अजनबी शाम

धुँद छाई हुई है झीलों पर

जौन एलिया

वो

वो किताब-ए-हुस्न वो इल्म ओ अदब की तालीबा

जौन एलिया