इन किताबों ने बड़ा ज़ुल्म किया है मुझ पर

जौन एलिया का शुमार उन

शायरों में होता है, जिन्हें ग़ज़ल के फन के साथ नज़्मों में भी महारत हासिल है

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रम्ज़

तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझे

जौन एलिया

शायद

मैं शायद तुम को यकसर भूलने वाला हूँ

जौन एलिया

दरीचा-हा-ए-ख़याल

चाहता हूँ कि भूल जाऊँ तुम्हें

जौन एलिया

दरख़्त-ए-ज़र्द

नहीं मालूम 'ज़रयून' अब तुम्हारी उम्र क्या होगी

जौन एलिया

अजनबी शाम

धुँद छाई हुई है झीलों पर

जौन एलिया

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