वामपंथ की नज़्में

वामपंथी विचारधारा से

प्रभावित कुछ नज़्में

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निसार मैं तेरी गलियों के

निसार मैं तिरी गलियों के ऐ वतन कि जहाँ

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

लेनिन

ऐ अन्फ़ुस ओ आफ़ाक़ में पैदा तिरी आयात

अल्लामा इक़बाल

किसान

चीर के साल में दो बार ज़मीं का सीना

कैफ़ी आज़मी

कार्ल मार्क्स

मार्क्स के इल्म ओ फ़तानत का नहीं कोई जवाब

वामिक़ जौनपुरी

यकुम मई

ये मई की पहली, दिन है बंदा-ए-मज़दूर का

सय्यद मोहम्मद जाफ़री

यौम-ए-मई

आज मई का पहला दिन है आज का दिन मज़दूर का दिन है

सुरूर बाराबंकवी