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दैर ओ हरम पर चित्र/छाया शायरी

दैर-ओ-हरम और उनसे वाबस्ता

अफ़राद के दर्मियान की कश-मकश और झगड़े बहुत पुराने हैं और रोज़ बरोज़ भयानक रूप इख़्तियार करते जा रहे हैं। शाइरों ने इस मौज़ू में इब्तिदा से ही दिल-चस्पी ली है और दैर-ओ-हरम के महदूद दायरे में बंद हो कर सोचने वाले लोगों को तंज़ का निशाना बनाया है। दैर-ओ-हरम पर हमारे मुंतख़ब कर्दा इन अशआर को पढ़ को आपको अंदाज़ा होगा कि शायरी की दुनिया कितनी खुली हुई, कुशादा और ज़िंदगी से भरपूर है।