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दिल-लगी पर ग़ज़ल

दिल ही इश्क़ और मोहब्बत

का मर्कज़ होता है। दिल लगना, दिल जुदा होना, दिल टूटना, दिल-जला होना ये और इस तरह की दूसरी लफ़्ज़ियात दिल की इसी मर्कज़िय्यत की तरफ़ इशारा करती हैं। दिल-लगी के तहत हम ने जो अशआर जमा किए हैं उन में आप दिल-लगी की मज़ेदार, कभी हंसा देने वाली और कभी रुला देने वाली सूरतों से गुज़़रेंगे। ये शायरी आशिक़ों के लिए एक सबक़ भी है जिसे पढ़ कर वो ख़ुद को दिल-लगी के सफ़र के लिए तैयार भी कर सकते हैं।