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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

ईमान पर नअत

उभर रहा है हर इक शय से नूर क्या कहिए

जमील अहमद क़ादरी सालिमी गुन्नौरी

मिरे नबी का अगर दिल में नाम ख़ुश्बू दे

जमील अहमद क़ादरी सालिमी गुन्नौरी

अपने क़लम से पहले मैं हम्द-ए-ख़ुदा लिखूँ

जमील अहमद क़ादरी सालिमी गुन्नौरी

हर तरफ़ से आ रही है बू-ए-ख़त्म-उल-मुर्सलीं

जमील अहमद क़ादरी सालिमी गुन्नौरी
बोलिए