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निष्ठा पर कहानियाँ

आर्टिस्ट लोग

सआदत हसन मंटो

इस कहानी में आर्टिस्ट की ज़िंदगी की पीड़ा को बयान किया गया है। जमीला और महमूद अपनी कला के वुजूद के लिए कई तरह के जतन करते हैं लेकिन कला प्रेमियों की कमी के कारण कला का संरक्षण मुश्किल महसूस होने लगता है। हालात से परेशान हो कर आर्थिक निश्चिंतता के लिए वे एक फैक्ट्री में काम करने लगते हैं, लेकिन दोनों को यह काम कलाकार के प्रतिष्ठा के अनुकूल महसूस नहीं होता इसीलिए दोनों एक दूसरे से अपनी इस मजबूरी और काम को छुपाते हैं।

आम

सआदत हसन मंटो

यह एक बूढ़े मुंशी की कहानी है जो पेंशन के बूते अपने परिवार को पाल रहा है। अपने अच्छे अख़्लाक़ के चलते उसकी अमीर लोगों से जान-पहचान है। लेकिन इन अमीरों में दो लोग ऐसे हैं जो उसे बहुत अज़ीज़ होते हैं। इनके लिए वह हर साल आम के मौसम में अपने परिवार वालों की इच्छाओं का गला घोंट कर आम के टोकरे भिजवाता है। मगर इस बार की गर्मी इतनी भयानक थी कि वह बर्दाश्त नहीं कर सका और मर गया। उसके मरने की इत्तिला जब उन दोनों अमीरज़ादों को दी गई तो दोनों ने ज़रूरी काम का बहाना कर के आने से इंकार कर दिया।

दो बैल

प्रेमचंद

यह कहानी हीरा और मोती नाम के दो बैलों के गिर्द घूमती है। दोनों बैल अपने मालिक से अलग होने के बाद बहुत सारी समस्याओं का सामना करते हैं, लेकिन कभी एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते और आख़िरकार वापिस अपने पुराने मालिक के पास ही चले आते हैं।

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बासित

सआदत हसन मंटो

मुख़्तलिफ़ वजहों से बासित उस लड़की से शादी के लिए राज़ी नहीं था जिस लड़की से उसकी माँ उसकी शादी कराना चाहती थी, अंततः उसने हथियार डाल दिए। शादी के बाद बासित की बीवी सईदा हर वक़्त खौफ़ज़दा और गुम-सुम सी रहती थी। इस बात को शुरू में बासित ने नये माहौल और नये घर की झिझक समझा था, लेकिन एक दिन गु़सलखाने में जब सईदा का हमल ज़ाए‘अ हुआ तब बासित को सही सूरत-ए-हाल का अंदाज़ा हुआ। बासित ने सईदा को माफ़ कर दिया लेकिन बासित की माँ अधूरा बच्चा देखकर बर्दाश्त न कर सकी और दुनिया से चल बसी।

फातो

सआदत हसन मंटो

"इस कहानी में प्रेम के प्रभाव को बयान किया गया है। मियां साहब को बुख़ार की हालत में अपनी मुलाज़िमा फातो से मुहब्बत हो जाती है। फातो अपने मुहल्ले में काफ़ी बदनाम है लेकिन इसके बावजूद मियां साहब ख़ुद पर क़ाबू नहीं रख पाते और एक महीने बाद उसे घर से लेकर फ़रार हो जाते हैं।"

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बुड्ढ़ा खूसट

सआदत हसन मंटो

"यह एक बूढ़े कर्नल के इश्क़ की सफ़लता की कहानी है। कर्नल उस्मानी एक बूढ़ा आदमी था जिसे सलीम जैसा जवान आदमी बूढ्ढा खूसट और अनावश्यक वस्तु समझता था लेकिन एक दिन उन्होंने देखा कि कर्नल उस्मानी उसकी महबूबा आयरन का चुम्बन ले रहे हैं तो सलीम को लगा कि वो ख़ुद कर्नल उस्मानी से ज़्यादा बूढ्ढा खूसट है।"

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कुत्ते की दुआ

सआदत हसन मंटो

अफ़साना एक कुत्ते की अपने मालिक के प्रति वफ़ादारी की एक अनोखी दास्तान बयान करता है। उस शख़्स ने अपनी और अपने गोल्डी कुत्ते की कहानी सुनाते हुए बीती ज़िंदगी की कई घटनाओं का ज़िक्र किया। इन घटनाओं में उन दोनों के आपसी संबंधों और एक-दूसरे के प्रति लगाव के बारे में कई प्रेरिक प्रसंग थे। मगर हक़ीक़ी कहानी तो वह थी कि जब एक बार मालिक बीमार पड़ा तो कुत्ते ने उसके लिए ऐसी दुआ माँगी कि मालिक तो ठीक हो गया, पर कुत्ता अपनी जान से जाता रहा।

कोट पतलून

सआदत हसन मंटो

आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक ऐसे आदमी की कहानी जिसे 'नैतिक' और 'अनैतिक' की दुविधा खुल खेलने का मौक़ा नहीं देती। नाज़िम एक ऐसी बिल्डिंग में रहता है जहाँ एक औरत की पसंदीदगी का स्तर 'कोट-पतलून' है। क़र्ज़ बढ़ने की वजह से उसे अपना कोट-पतलून बेचना पड़ता है और बिल्डिंग ख़ाली करनी पड़ती है। नाज़िम जिस दिन मकान छोड़कर जा रहा होता है तो वह देखता है कि ज़ुबैदा की निगाहों का मर्कज़ एक और नौजवान है जो कोट-पतलून पहने हुए है।

जान मोहम्मद

सआदत हसन मंटो

इंसान की नफ़्सियाती पेचीदगियों और तह दर तह पोशीदा शख़्सियत को बयान करती हुई कहानी है। जान मोहम्मद मंटो के बीमारी के दिनों में एक मुख़लिस तीमारदार के रूप में सामने आया और फिर बेतकल्लुफी से मंटो के घर आने लगा, लेकिन असल में वह मंटो के पड़ोस की लड़की शमीम के चक्कर में आता था। एक दिन शमीम और जान मोहम्मद घर से फ़रार हो जाते हैं, तब उसकी असलियत पता चलती है।

प्रेम कहानी

अहमद अली

मोहब्बत का इज़हार करना भी उतना ही ज़रूरी है जितना की मोहब्बत करना है। अगर आप इज़हार नहीं करेंगे तो अपने हाथों अपनी मोहब्बत का क़त्ल कर देंगे। यह कहानी भी एक ऐसे ही क़त्ल की दास्तान है। नायक एक लड़की से बे-पनाह मोहब्बत करता है। एक दिन वह उसके साथ एक साईकिल ट्रिप पर भी जाता है। मौसम बहुत खु़शगवार है लेकिन वह चाहने के बाद भी इज़हार नहीं कर पाता है। उसके इज़हार न करने के कारण लड़की उससे दूर हो जाती है और फिर कभी उसके पास नहीं आती है। हालांकि वह उससे बीच-बीच में मुलाक़ात करती है। मोहब्बत करने और उसका इज़हार न करने पर इंसान की क्या हालत होती है वह आप इस कहानी को पढ़ कर जान सकते हैं।

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अंधी मोहब्बत

हिजाब इम्तियाज़ अली

किसी दुर्घटना में अंधी हुई एक लड़की की कहानी है। जो डॉक्टर उसका इलाज कर रहा है, लड़की को उस डाक्टर से मोहब्बत हो जाती है। उन दोनों की शादी भी हो जाती है। लड़की के आँखों के ऑपरेशान के बाद जब वह अपने शौहर को देखती है तो उसे देखकर वह इतनी हैरान होती है कि वह दिल ही दिल में दुआ करती है कि काश, उसकी आँखें ठीक नहीं हुई होतीं। लड़की की यह हालत देखकर उसका डाक्टर शौहर उसे अपने अस्सिटेंट के हवाले कर के उसकी ज़िंदगी से चला जाता है।

डालन वाला

कुर्रतुलऐन हैदर

यह कहानी बचपन की यादों के सहारे अपने घर और घर के वसीले से एक पूरे इलाक़े की, और उस इलाक़े द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के जीवन की चलती-फिरती तस्वीरें पेश करती है। समाज के अलग-अलग वर्गों से सम्बंध रखने वाले, पृथक आस्थाएं और विश्वास रखने वाले, विभन्न लोग हैं जो अपनी-अपनी समस्याओं और मर्यादाओं में बंधे हैं।

वो क़दीम उदास रात

हिजाब इम्तियाज़ अली

यह कहानी दो ऐसी ही सहेलियों की है जो बाहर से जितना एक-दूसरे के क़रीब दिखाई देती हैं अस्ल में दोनों एक दूसरे से दूर हैं। एक उदास रात में, जबकि हर तरफ़ ख़ामोशी और हर तरफ़ उदासी है, दोनों एक दूसरे से अपने दिल की बात कहती हैं और सुकून महसूस करती हैं।