उसके बग़ैर
यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जो बहार के मौसम में तन्हा बैठी अपने पहले प्यार को याद कर रही है। उन दिनों उसकी बहन के बहुत से चाहने वाले थे मगर उसका कोई प्रेमी नहीं था। और इसी बात का उसे अफ़सोस था। अचानक उसकी ज़िंदगी में आनंद आ गया और उसने उसकी पूरी ज़िंदगी ही बदल दी। उन्होंने मिलकर एक ट्रिप का प्लान बनाया। उस सफ़र में उन दोनों के साथ कुछ ऐसे हादसे हुए जिनकी वजह से वह उस सफ़र को कभी नहीं भूला सकी।
अहमद अली
उसके बग़ैर
यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जो बहार के मौसम में तन्हा बैठी अपने पहले प्यार को याद कर रही है। उन दिनों उसकी बहन के बहुत से चाहने वाले थे मगर उसका कोई प्रेमी नहीं था। और इसी बात का उसे अफ़सोस था। अचानक उसकी ज़िंदगी में आनंद आ गया और उसने उसकी पूरी ज़िंदगी ही बदल दी। उन्होंने मिलकर एक ट्रिप का प्लान बनाया। उस सफ़र में उन दोनों के साथ कुछ ऐसे हादसे हुए जिनकी वजह से वह उस सफ़र को कभी नहीं भूला सकी।