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यौन इच्छा पर उद्धरण

आप शहर में ख़ूबसूरत और नफ़ीस गाड़ियाँ देखते हैं... ये ख़ूबसूरत और नफ़ीस गाड़ियाँ कूड़ा क्रिकेट उठाने के काम नहीं सकतीं। गंदगी और ग़लाज़त उठा कर बाहर फेंकने के लिए और गाड़ियाँ मौजूद हैं जिन्हें आप कम देखते हैं और अगर देखते हैं तो फ़ौरन अपनी नाक पर रूमाल रख लेते हैं... इन गाड़ियों का वुजूद ज़रूरी है और उन औरतों का वुजूद भी ज़रूरी है जो आपकी ग़लाज़त उठाती हैं। अगर ये औरतें ना होतीं तो हमारे सब गली कूचे मर्दों की ग़लीज़ हरकात से भरे होते।

सआदत हसन मंटो
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गदागरी क़ानूनन बंद कर दी जाती है, मगर वो अस्बाब-ओ-एलल दूर करने की कोशिश नहीं की जाती जो इन्सान को इस फे़अल पर मजबूर करते हैं। औरतों को सर-ए-बाज़ार जिस्म-फ़रोशी के कारोबार से रोका जाता है मगर उस के मुहर्रिकात के इस्तीसाल की तरफ़ कोई तवज्जाे नहीं देता।

सआदत हसन मंटो

इस्मत फ़रोश औरत एक ज़माने से दुनिया की सबसे ज़लील हस्ती समझी जाती रही है। मगर क्या हमने ग़ौर किया है कि हम में से अक्सर ऐसी ज़लील-ओ-ख़्वार हस्तियों के दर पर ठोकरें खाते हैं, क्या हमारे दिल में ये ख़्याल पैदा नहीं होता कि हम भी ज़लील हैं?

सआदत हसन मंटो