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शायरों,कलाकारों और लेखकों के वीडियो

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Eminent Urdu poet of ghazal Azhar Inayati from Rampur (U.P) has impressed a mass with his work for a long time. Azhar who is an advocate by profession is known for his melodious recitation (Tarannum) as well.

किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था

वीडियो का सेक्शन
रेख़्ता स्टूडियो
किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था

किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था अज़हर इनायती

Nazar ki zad mein sar koi nahin hai

Nazar ki zad mein sar koi nahin hai अज़हर इनायती

Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio

Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio हिरोशी हगीता

लफ़्ज़ों के सहरा में क्या मा'नी के सराब दिखाना भी

लफ़्ज़ों के सहरा में क्या मा'नी के सराब दिखाना भी अब्दुल अहद साज़

सबक़ उम्र का या ज़माने का है

सबक़ उम्र का या ज़माने का है अब्दुल अहद साज़

जाने क़लम की आँख में किस का ज़ुहूर था

जाने क़लम की आँख में किस का ज़ुहूर था अब्दुल अहद साज़

दरख़्त रूह के झूमे परिंद गाने लगे

दरख़्त रूह के झूमे परिंद गाने लगे अब्दुल अहद साज़

Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2

Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2 कृष्णा सोबती

Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-1

Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-1 कृष्णा सोबती

Bohat malool bade shaadma gaye huye hain

Bohat malool bade shaadma gaye huye hain अब्दुल अहद साज़

Kabhi bhanwar jo thi ek yaad ab sunami hai

Kabhi bhanwar jo thi ek yaad ab sunami hai शमीम अब्बास

Ahem aankhen hain ya manzar khule to

Ahem aankhen hain ya manzar khule to शमीम अब्बास

Abtak jo baqaya hai ada kardo sabhi ab

Abtak jo baqaya hai ada kardo sabhi ab शमीम अब्बास

Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya

Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya निदा फ़ाज़ली

Jise dekhte hi khumari lage

Jise dekhte hi khumari lage निदा फ़ाज़ली

Besan ki saundhi roti par khatti chatni jesi maa

Besan ki saundhi roti par khatti chatni jesi maa निदा फ़ाज़ली

शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है

शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है अमीर इमाम

ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है

ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है अमीर इमाम

Main zameen par udaas aasman mein khajel mah e ranjool tha_Ghazal by Ameer Imam

Main zameen par udaas aasman mein khajel mah e ranjool tha_Ghazal by Ameer Imam अमीर इमाम

मज़ीद इक बार पर बार-ए-गिराँ रक्खा गया है

मज़ीद इक बार पर बार-ए-गिराँ रक्खा गया है अमीर इमाम

कभी तो बनते हुए और कभी बिगड़ते हुए

कभी तो बनते हुए और कभी बिगड़ते हुए अमीर इमाम

Gumshuda_Nazm by Ameer Imam

Gumshuda_Nazm by Ameer Imam अमीर इमाम

बन के साया ही सही सात तो होती होगी

बन के साया ही सही सात तो होती होगी अमीर इमाम

Rasheed Amjad interview for Rekhta.org

Rasheed Amjad interview for Rekhta.org रशीद अमजद

Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi

Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

Tum kuch soch mein doob gai ho_Nazm by Zubair Rizvi

Tum kuch soch mein doob gai ho_Nazm by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

Suno kal tumhe humne madras cafe mein aabosh logon ke humraah dekha_Nazm by Zubair Rizvi

Suno kal tumhe humne madras cafe mein aabosh logon ke humraah dekha_Nazm by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

तब्दीली

तब्दीली ज़ुबैर रिज़वी

Maine kab bark e tapa mauj e bala maangi_Ghazal by Zubair Rizvi

Maine kab bark e tapa mauj e bala maangi_Ghazal by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

Hum kaha agaye_Nazm by Zubair Rizvi

Hum kaha agaye_Nazm by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

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शायर
दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद

दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद जिगर मुरादाबादी

दस्तूर

दस्तूर हबीब जालिब

Qatiil Shifai reading in a mushaira

Qatiil Shifai reading in a mushaira क़तील शिफ़ाई

बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है

बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है ख़ुशबीर सिंह शाद

Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice

Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

फ़रहत एहसास

फ़रहत एहसास फ़रहत एहसास

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा मजरूह सुल्तानपुरी

शारिक़ कैफ़ी

शारिक़ कैफ़ी शारिक़ कैफ़ी

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए

जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए जाँ निसार अख़्तर

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो बशीर बद्र

Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1)

Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1) गुलज़ार देहलवी

अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से इफ़्तिख़ार आरिफ़

इक़बाल अशहर

इक़बाल अशहर इक़बाल अशहर

वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द

वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द कैफ़ी आज़मी

अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं

अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं ख़ुमार बाराबंकवी

इंटरनेट-स्थान की मलिका

इंटरनेट-स्थान की मलिका सरवत ज़ेहरा

ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है

ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है शहरयार

नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है

नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है पी पी श्रीवास्तव रिंद

अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए

अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए उबैदुल्लाह अलीम

एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग

एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग किश्वर नाहीद

वीडियो का सेक्शन
ग़ज़ल गायक
हस्ती अपनी हबाब की सी है

हस्ती अपनी हबाब की सी है फ़रीदा ख़ानम

शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही

शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही हबीब वली मोहम्मद

मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे

मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे हबीब वली मोहम्मद

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है मेहदी हसन

देख तो दिल कि जाँ से उठता है

देख तो दिल कि जाँ से उठता है मेहदी हसन

हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके

हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके मेहदी हसन

कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा

कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा ग़ुलाम अली

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए मेहदी हसन

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है हबीब वली मोहम्मद

तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए

तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए आबिदा परवीन

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही आबिदा परवीन

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया फ़रीदा ख़ानम

सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं

सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं फ़रीदा ख़ानम

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही इक़बाल बानो

गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले

गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले ख़ुर्शीद बेगम

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है असद अमानत अली

अपनी धुन में रहता हूँ

अपनी धुन में रहता हूँ ग़ुलाम अली

ये आरज़ू थी तुझे गुल के रू-ब-रू करते

ये आरज़ू थी तुझे गुल के रू-ब-रू करते अमानत अली ख़ान

न किसी की आँख का नूर हूँ न किसी के दिल का क़रार हूँ

न किसी की आँख का नूर हूँ न किसी के दिल का क़रार हूँ इक़बाल बानो

शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई

शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई आबिदा परवीन

कभी शाख़ ओ सब्ज़ा ओ बर्ग पर कभी ग़ुंचा ओ गुल ओ ख़ार पर

कभी शाख़ ओ सब्ज़ा ओ बर्ग पर कभी ग़ुंचा ओ गुल ओ ख़ार पर आशा भोसले

गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी

गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी बेगम अख़्तर

ज़ाहिद न कह बुरी कि ये मस्ताने आदमी हैं

ज़ाहिद न कह बुरी कि ये मस्ताने आदमी हैं मलिका पुखराज

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें नूर जहाँ

साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें

साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें फ़रीदा ख़ानम

ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए

ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए फ़रीदा ख़ानम

लगता नहीं है दिल मिरा उजड़े दयार में

लगता नहीं है दिल मिरा उजड़े दयार में हबीब वली मोहम्मद

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो हरिहरण

हम हैं मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार की तरह

हम हैं मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार की तरह लता मंगेशकर

शौक़ हर रंग रक़ीब-ए-सर-ओ-सामाँ निकला

शौक़ हर रंग रक़ीब-ए-सर-ओ-सामाँ निकला नय्यरा नूर

वीडियो का सेक्शन
इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्री फिल्में
Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio

Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio हिरोशी हगीता

Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2

Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2 कृष्णा सोबती

Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya

Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya निदा फ़ाज़ली

शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है

शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है अमीर इमाम

Rasheed Amjad interview for Rekhta.org

Rasheed Amjad interview for Rekhta.org रशीद अमजद

Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi

Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

ये तुम हर बात लफ़्ज़ों की ज़बानी क्यूँ समझते हो

ये तुम हर बात लफ़्ज़ों की ज़बानी क्यूँ समझते हो ख़ुशबीर सिंह शाद

Yunhi sar chadh ke har ek mauj e bala bolegi_Couplet by Mahtab haidar Naqvi

Yunhi sar chadh ke har ek mauj e bala bolegi_Couplet by Mahtab haidar Naqvi महताब हैदर नक़वी

Ye be masraf hunar dekha to jata_Ghazal by Shoaib Nizam

Ye be masraf hunar dekha to jata_Ghazal by Shoaib Nizam शोएब निज़ाम

Ye jo shorida sari hai ise aaram na aaye by Abhisek Shukla

Ye jo shorida sari hai ise aaram na aaye by Abhisek Shukla अभिषेक शुक्ला

Samundar se Makalma Nazm by Sheen Kaaf Nizam

Samundar se Makalma Nazm by Sheen Kaaf Nizam शीन काफ़ निज़ाम

Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi

Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org

Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org शारिब रुदौलवी

Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio

Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio बासिर सुल्तान काज़मी

Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org पीरज़ादा क़ासीम

Zara apne pairon se hawa ke jute utaar

Zara apne pairon se hawa ke jute utaar शबनम अशाई

Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein

Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein मोहम्मद आज़म

Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org विविध

Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2

Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2 रहमान अब्बास

Agni Warsha hai to hai

Agni Warsha hai to hai एहतराम इस्लाम

Waqt se lamha lamha kheli hai

Waqt se lamha lamha kheli hai अमीता परसुराम मीता

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Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio क़ुद्दूस जावेद

Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org तौसीफ़ अख़्तर

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Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1) पॉपुलर मेरठी

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फ़िल्मी ग़ज़लें
Khuda ka shukr sahare baghair beet gai

Khuda ka shukr sahare baghair beet gai Anwar Shuoor

Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi

Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi Sanam Marvi

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Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira Munawwar Rana

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बंजारा-नामा Mukesh

यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए

यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए Lata Mangeshkar

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए

किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए Mohammad Rafi

tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa

tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa Ghulam Ali

khaali haath shaam aayi hai

khaali haath shaam aayi hai Asha Bhosle

Tumko dekhta to ye khayal aaya

Tumko dekhta to ye khayal aaya Jagjit Singh

दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है

दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है Anuradha Paudwal

आप की याद आती रही रात भर

आप की याद आती रही रात भर Chaya Ganguly

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं Gayatri Asokan

Shaam-e-gham ki qasam

Shaam-e-gham ki qasam Talat Mahmood

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया Begum Akhtar

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक Suraiya

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें Talat Aziz

मकान

मकान Kaifi Azmi

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ज़िया मोहीउद्दीन वीडियो
Mirza Rafi Sauda

Mirza Rafi Sauda ज़िया मोहीउद्दीन

Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin

Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin ज़िया मोहीउद्दीन

Wajid Ali Shah Akhtar

Wajid Ali Shah Akhtar ज़िया मोहीउद्दीन

Zia reads Mir Taqi Mir

Zia reads Mir Taqi Mir ज़िया मोहीउद्दीन

Allama Iqbal

Allama Iqbal ज़िया मोहीउद्दीन

Zia's Monologue

Zia's Monologue ज़िया मोहीउद्दीन

Mushtaq Ahmad Yousufi

Mushtaq Ahmad Yousufi ज़िया मोहीउद्दीन

Intizar Hussain

Intizar Hussain ज़िया मोहीउद्दीन

"Shakespeare aur Main"

"Shakespeare aur Main" ज़िया मोहीउद्दीन

Josh Malihabadi

Josh Malihabadi ज़िया मोहीउद्दीन

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इल्म-ए-अरूज़
Taqteeh

Lecture 24 Taqteeh

Bahr-e-Mutadarik

Lecture 10 Bahr-e-Mutadarik

Bahr-e-Mutaqarib

Lecture 9 Bahr-e-Mutaqarib

Aroozi Arkan

Lecture 3 Aroozi Arkan

Bahr-e-Mushakil

Lecture 19 Bahr-e-Mushakil

Bahr-e-Hazaj

Lecture 4 Bahr-e-Hazaj

Bahr-e-Ramal

Lecture 6 Bahr-e-Ramal

Introduction

Lecture 1 Introduction

Bahr-e-Baseet

Lecture 22 Bahr-e-Baseet

Bahr-e-Rajaz

Lecture 5 Bahr-e-Rajaz

Bahr-e-Madid

Lecture 21 Bahr-e-Madid

Bahr-e-Kamil

Lecture 7 Bahr-e-Kamil

Qafiya aur Radeef

Lecture 23 Qafiya aur Radeef

Bahr-e-Muqtazib

Lecture 14 Bahr-e-Muqtazib

Bahr-e-Qarib

Lecture 17 Bahr-e-Qarib

Bahr-e-Saree

Lecture 15 Bahr-e-Saree

Bahr-e-Munsarah

Lecture 13 Bahr-e-Munsarah

Bahr-e-Jadid

Lecture 18 Bahr-e-Jadid

Bahr-e-Mujtas

Lecture 12 Bahr-e-Mujtas

Bahr-e-Khafif

Lecture 16 Bahr-e-Khafif

Bahr-e-Taweel

Lecture 20 Bahr-e-Taweel

Sher Goi

Lecture 25 Sher Goi

Bahr-e-Wafir

Lecture 8 Bahr-e-Wafir

Ahang ki mizaan urooz hai

Lecture 2 Ahang ki mizaan urooz hai

Bahr-e-Muzare

Lecture 11 Bahr-e-Muzare

रेख़्ता स्टूडियो समस्त

  • किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था

    किताबें जब कोई पढ़ता नहीं था अज़हर इनायती

  • Nazar ki zad mein sar koi nahin hai

    Nazar ki zad mein sar koi nahin hai अज़हर इनायती

  • Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio

    Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio हिरोशी हगीता

  • लफ़्ज़ों के सहरा में क्या मा'नी के सराब दिखाना भी

    लफ़्ज़ों के सहरा में क्या मा'नी के सराब दिखाना भी अब्दुल अहद साज़

  • सबक़ उम्र का या ज़माने का है

    सबक़ उम्र का या ज़माने का है अब्दुल अहद साज़

  • जाने क़लम की आँख में किस का ज़ुहूर था

    जाने क़लम की आँख में किस का ज़ुहूर था अब्दुल अहद साज़

  • दरख़्त रूह के झूमे परिंद गाने लगे

    दरख़्त रूह के झूमे परिंद गाने लगे अब्दुल अहद साज़

  • Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2

    Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2 कृष्णा सोबती

  • Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-1

    Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-1 कृष्णा सोबती

  • Bohat malool bade shaadma gaye huye hain

    Bohat malool bade shaadma gaye huye hain अब्दुल अहद साज़

  • Kabhi bhanwar jo thi ek yaad ab sunami hai

    Kabhi bhanwar jo thi ek yaad ab sunami hai शमीम अब्बास

  • Ahem aankhen hain ya manzar khule to

    Ahem aankhen hain ya manzar khule to शमीम अब्बास

  • Abtak jo baqaya hai ada kardo sabhi ab

    Abtak jo baqaya hai ada kardo sabhi ab शमीम अब्बास

  • Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya

    Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya निदा फ़ाज़ली

  • Jise dekhte hi khumari lage

    Jise dekhte hi khumari lage निदा फ़ाज़ली

  • Besan ki saundhi roti par khatti chatni jesi maa

    Besan ki saundhi roti par khatti chatni jesi maa निदा फ़ाज़ली

  • शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है

    शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है अमीर इमाम

  • ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है

    ख़ुद को हर आरज़ू के उस पार कर लिया है अमीर इमाम

  • Main zameen par udaas aasman mein khajel mah e ranjool tha_Ghazal by Ameer Imam

    Main zameen par udaas aasman mein khajel mah e ranjool tha_Ghazal by Ameer Imam अमीर इमाम

  • मज़ीद इक बार पर बार-ए-गिराँ रक्खा गया है

    मज़ीद इक बार पर बार-ए-गिराँ रक्खा गया है अमीर इमाम

  • कभी तो बनते हुए और कभी बिगड़ते हुए

    कभी तो बनते हुए और कभी बिगड़ते हुए अमीर इमाम

  • Gumshuda_Nazm by Ameer Imam

    Gumshuda_Nazm by Ameer Imam अमीर इमाम

  • बन के साया ही सही सात तो होती होगी

    बन के साया ही सही सात तो होती होगी अमीर इमाम

  • Rasheed Amjad interview for Rekhta.org

    Rasheed Amjad interview for Rekhta.org रशीद अमजद

  • Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi

    Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

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    Suno kal tumhe humne madras cafe mein aabosh logon ke humraah dekha_Nazm by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

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    तब्दीली ज़ुबैर रिज़वी

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    Maine kab bark e tapa mauj e bala maangi_Ghazal by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

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    Hum kaha agaye_Nazm by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

शायरसमस्त

  • दुनिया के सितम याद न अपनी ही वफ़ा याद

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    Qatiil Shifai reading in a mushaira क़तील शिफ़ाई

  • बहुत दिनों से मिरे बाम-ओ-दर का हिस्सा है

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  • Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice

    Is waqt to lagta hai kahin kuch bhi nahi hai - In Faiz's own voice फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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    फ़रहत एहसास फ़रहत एहसास

  • हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा

    हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा मजरूह सुल्तानपुरी

  • शारिक़ कैफ़ी

    शारिक़ कैफ़ी शारिक़ कैफ़ी

  • जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए

    जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए जाँ निसार अख़्तर

  • यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो

    यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो बशीर बद्र

  • Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1)

    Gulzar Dehlvi (Reciting poetry_Part 1) गुलज़ार देहलवी

  • अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से

    अब भी तौहीन-ए-इताअत नहीं होगी हम से इफ़्तिख़ार आरिफ़

  • इक़बाल अशहर

    इक़बाल अशहर इक़बाल अशहर

  • वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द

    वो भी सराहने लगे अर्बाब-ए-फ़न के बा'द कैफ़ी आज़मी

  • अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं

    अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं ख़ुमार बाराबंकवी

  • इंटरनेट-स्थान की मलिका

    इंटरनेट-स्थान की मलिका सरवत ज़ेहरा

  • ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है

    ज़िंदगी जैसी तवक़्क़ो' थी नहीं कुछ कम है शहरयार

  • नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है

    नशात-ए-दर्द के मौसम में गर नमी कम है पी पी श्रीवास्तव रिंद

  • अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए

    अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए उबैदुल्लाह अलीम

  • एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग

    एक ही आवाज़ पर वापस पलट आएँगे लोग किश्वर नाहीद

ग़ज़ल गायकसमस्त

  • हस्ती अपनी हबाब की सी है

    हस्ती अपनी हबाब की सी है मीर तक़ी मीर

  • शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही

    शमशीर-ए-बरहना माँग ग़ज़ब बालों की महक फिर वैसी ही बहादुर शाह ज़फ़र

  • मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे

    मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ जीने की तमन्ना कौन करे मुईन अहसन जज़्बी

  • चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है

    चलते हो तो चमन को चलिए कहते हैं कि बहाराँ है मीर तक़ी मीर

  • देख तो दिल कि जाँ से उठता है

    देख तो दिल कि जाँ से उठता है मीर तक़ी मीर

  • हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके

    हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके हफ़ीज़ जालंधरी

  • कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा

    कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा इब्न-ए-इंशा

  • आए कुछ अब्र कुछ शराब आए

    आए कुछ अब्र कुछ शराब आए फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

    तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए

    तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

    नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया

    न गँवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल-ए-रेज़ा-रेज़ा गँवा दिया फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं

    सब क़त्ल हो के तेरे मुक़ाबिल से आए हैं फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही

    नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले

    गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है

    तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • अपनी धुन में रहता हूँ

    अपनी धुन में रहता हूँ नासिर काज़मी

  • ये आरज़ू थी तुझे गुल के रू-ब-रू करते

    ये आरज़ू थी तुझे गुल के रू-ब-रू करते हैदर अली आतिश

  • न किसी की आँख का नूर हूँ न किसी के दिल का क़रार हूँ

    न किसी की आँख का नूर हूँ न किसी के दिल का क़रार हूँ मुज़्तर ख़ैराबादी

  • शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई

    शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई जिगर मुरादाबादी

  • कभी शाख़ ओ सब्ज़ा ओ बर्ग पर कभी ग़ुंचा ओ गुल ओ ख़ार पर

    कभी शाख़ ओ सब्ज़ा ओ बर्ग पर कभी ग़ुंचा ओ गुल ओ ख़ार पर जिगर मुरादाबादी

  • गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी

    गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी मोहम्मद रफ़ी सौदा

  • ज़ाहिद न कह बुरी कि ये मस्ताने आदमी हैं

    ज़ाहिद न कह बुरी कि ये मस्ताने आदमी हैं दाग़ देहलवी

  • दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें

    दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें दाग़ देहलवी

  • साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें

    साज़ ये कीना-साज़ क्या जानें दाग़ देहलवी

  • ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए

    ना-रवा कहिए ना-सज़ा कहिए दाग़ देहलवी

  • लगता नहीं है दिल मिरा उजड़े दयार में

    लगता नहीं है दिल मिरा उजड़े दयार में बहादुर शाह ज़फ़र

  • अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो

    अजीब सानेहा मुझ पर गुज़र गया यारो शहरयार

  • हम हैं मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार की तरह

    हम हैं मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार की तरह मजरूह सुल्तानपुरी

  • शौक़ हर रंग रक़ीब-ए-सर-ओ-सामाँ निकला

    शौक़ हर रंग रक़ीब-ए-सर-ओ-सामाँ निकला मिर्ज़ा ग़ालिब

इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्री फिल्मेंसमस्त

  • Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio

    Hiroshi Hagita Interview at Rekhta Studio हिरोशी हगीता

  • Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2

    Krishna Sobti Interview for Rekhta.org Part-2 कृष्णा सोबती

  • Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya

    Koshish ke bawajood ye ilzaam reh gaya निदा फ़ाज़ली

  • शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है

    शहर में सारे चराग़ों की ज़िया ख़ामोश है अमीर इमाम

  • Rasheed Amjad interview for Rekhta.org

    Rasheed Amjad interview for Rekhta.org रशीद अमजद

  • Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi

    Zindagi aise gharo se khandar ache the_Ghazal by Zubair Rizvi ज़ुबैर रिज़वी

  • ये तुम हर बात लफ़्ज़ों की ज़बानी क्यूँ समझते हो

    ये तुम हर बात लफ़्ज़ों की ज़बानी क्यूँ समझते हो ख़ुशबीर सिंह शाद

  • Yunhi sar chadh ke har ek mauj e bala bolegi_Couplet by Mahtab haidar Naqvi

    Yunhi sar chadh ke har ek mauj e bala bolegi_Couplet by Mahtab haidar Naqvi महताब हैदर नक़वी

  • Ye be masraf hunar dekha to jata_Ghazal by Shoaib Nizam

    Ye be masraf hunar dekha to jata_Ghazal by Shoaib Nizam शोएब निज़ाम

  • Ye jo shorida sari hai ise aaram na aaye by Abhisek Shukla

    Ye jo shorida sari hai ise aaram na aaye by Abhisek Shukla अभिषेक शुक्ला

  • Samundar se Makalma Nazm by Sheen Kaaf Nizam

    Samundar se Makalma Nazm by Sheen Kaaf Nizam शीन काफ़ निज़ाम

  • Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi

    Tere gham se ubharna chahta hun_Shariq kaifi शारिक़ कैफ़ी

  • Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org

    Discussion among Sharib Rudaulvi, Farhat Ehsas & Shoaib Nizam for Rekhta.org शारिब रुदौलवी

  • Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio

    Basir Sultan Kazmi in conversation with Obaid Siddiqui at Rekhta Studio बासिर सुल्तान काज़मी

  • Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Pirzada Qasim in conversation with Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org पीरज़ादा क़ासीम

  • Zara apne pairon se hawa ke jute utaar

    Zara apne pairon se hawa ke jute utaar शबनम अशाई

  • Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein

    Ye nashe aagahi khatarnak hai sar mein मोहम्मद आज़म

  • Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Discussion among Nadeem Bhabha, Ali Yasir and Dr. Zamarrud Mughal for Rekhta.org विविध

  • Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2

    Rahman Abbas in conversation with Dr. Zamarrud Mughal at Rekhta Studio-Part-2 रहमान अब्बास

  • Agni Warsha hai to hai

    Agni Warsha hai to hai एहतराम इस्लाम

  • Waqt se lamha lamha kheli hai

    Waqt se lamha lamha kheli hai अमीता परसुराम मीता

  • Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio

    Prof. Quddus Jawed in conversation with Zamarrud Mughal at Rekhta Studio क़ुद्दूस जावेद

  • Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Tauseef Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org तौसीफ़ अख़्तर

  • Javed Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Javed Akhtar in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org जावेद अख़्तर

  • Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Dr. Popular Meeruthi (Season 1, Episode 1) पॉपुलर मेरठी

  • Rekhta Studio - Dr. Razi Amrohvi (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Dr. Razi Amrohvi (Season 1, Episode 1) डॉ-रज़ी अमरोहवी

  • Rekhta Studio - Masroor Shahjahanpuri (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Masroor Shahjahanpuri (Season 1, Episode 1) मसरूर शाहजहाँपुरी

  • Rekhta Studio - Asim Pirzada (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Asim Pirzada (Season 1, Episode 1) आसिम पीरज़ादा

  • Rekhta Studio - Asrar Jamayee (Season 1, Episode 1)

    Rekhta Studio - Asrar Jamayee (Season 1, Episode 1) असरार जामई

  • Padma Sachdev in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org

    Padma Sachdev in conversation with Zamarrud Mughal for Rekhta.org पद्मा सचदेव

फ़िल्मी ग़ज़लेंसमस्त

  • Khuda ka shukr sahare baghair beet gai

    Khuda ka shukr sahare baghair beet gai Anwar Shuoor

  • Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi

    Khudi Ka Sirr-E-Niha by Shafqat Amanat Ali & Sanam Marvi Sanam Marvi

  • Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira

    Ganga Jamuna Eid Milan Mushaira Munawwar Rana

  • बंजारा-नामा

    बंजारा-नामा Mukesh

  • यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए

    यूँ हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए Lata Mangeshkar

  • किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए

    किसी की याद में दुनिया को हैं भुलाए हुए Mohammad Rafi

  • tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa

    tamaam umr tiraa intizaar ham ne kiyaa Ghulam Ali

  • khaali haath shaam aayi hai

    khaali haath shaam aayi hai Asha Bhosle

  • Tumko dekhta to ye khayal aaya

    Tumko dekhta to ye khayal aaya Jagjit Singh

  • दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है

    दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है Anuradha Paudwal

  • आप की याद आती रही रात भर

    आप की याद आती रही रात भर Chaya Ganguly

  • सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

    सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं Gayatri Asokan

  • Shaam-e-gham ki qasam

    Shaam-e-gham ki qasam Talat Mahmood

  • ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया

    ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया Begum Akhtar

  • आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक

    आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक Suraiya

  • ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें

    ज़िंदगी जब भी तिरी बज़्म में लाती है हमें Talat Aziz

  • मकान

    मकान Kaifi Azmi

ज़िया मोहीउद्दीन वीडियोसमस्त

  • Mirza Rafi Sauda

    Mirza Rafi Sauda

  • Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin

    Ghalib aur Mein-Zia Mohyeddin

  • Wajid Ali Shah Akhtar

    Wajid Ali Shah Akhtar

  • Zia reads Mir Taqi Mir

    Zia reads Mir Taqi Mir

  • Allama Iqbal

    Allama Iqbal

  • Zia's Monologue

    Zia's Monologue

  • Mushtaq Ahmad Yousufi

    Mushtaq Ahmad Yousufi

  • Intizar Hussain

    Intizar Hussain

  • "Shakespeare aur Main"

    "Shakespeare aur Main"

  • Josh Malihabadi

    Josh Malihabadi

इल्म-ए-अरूज़समस्त

  • Introduction

    Lecture 1 Introduction

  • Bahr-e-Mutadarik

    Lecture 10 Bahr-e-Mutadarik

  • Bahr-e-Muzare

    Lecture 11 Bahr-e-Muzare

  • Bahr-e-Mujtas

    Lecture 12 Bahr-e-Mujtas

  • Bahr-e-Munsarah

    Lecture 13 Bahr-e-Munsarah

  • Bahr-e-Muqtazib

    Lecture 14 Bahr-e-Muqtazib

  • Bahr-e-Saree

    Lecture 15 Bahr-e-Saree

  • Bahr-e-Khafif

    Lecture 16 Bahr-e-Khafif

  • Bahr-e-Qarib

    Lecture 17 Bahr-e-Qarib

  • Bahr-e-Jadid

    Lecture 18 Bahr-e-Jadid

  • Bahr-e-Mushakil

    Lecture 19 Bahr-e-Mushakil

  • Ahang ki mizaan urooz hai

    Lecture 2 Ahang ki mizaan urooz hai

  • Bahr-e-Taweel

    Lecture 20 Bahr-e-Taweel

  • Bahr-e-Madid

    Lecture 21 Bahr-e-Madid

  • Bahr-e-Baseet

    Lecture 22 Bahr-e-Baseet

  • Qafiya aur Radeef

    Lecture 23 Qafiya aur Radeef

  • Taqteeh

    Lecture 24 Taqteeh

  • Sher Goi

    Lecture 25 Sher Goi

  • Aroozi Arkan

    Lecture 3 Aroozi Arkan

  • Bahr-e-Hazaj

    Lecture 4 Bahr-e-Hazaj

  • Bahr-e-Rajaz

    Lecture 5 Bahr-e-Rajaz

  • Bahr-e-Ramal

    Lecture 6 Bahr-e-Ramal

  • Bahr-e-Kamil

    Lecture 7 Bahr-e-Kamil

  • Bahr-e-Wafir

    Lecture 8 Bahr-e-Wafir

  • Bahr-e-Mutaqarib

    Lecture 9 Bahr-e-Mutaqarib

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