आज के टॉप 5

चले तो पाँव के नीचे कुचल गई कोई शय

नशे की झोंक में देखा नहीं कि दुनिया है

शहाब जाफ़री
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अपनी अना की आज भी तस्कीन हम ने की

जी भर के उस के हुस्न की तौहीन हम ने की

इक़बाल साजिद

दिया ख़ामोश है लेकिन किसी का दिल तो जलता है

चले आओ जहाँ तक रौशनी मा'लूम होती है

the lamp's extinguised but someone's heart

the lamp's extinguised but someone's heart

नुशूर वाहिदी

आँखों से मोहब्बत के इशारे निकल आए

बरसात के मौसम में सितारे निकल आए

मंसूर उस्मानी

बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में

कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में

कैफ़ी आज़मी
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आज का शब्द

क़दह

  • qadah
  • قدح

शब्दार्थ

goblet/ bowl

मुद्दत हुई है यार को मेहमाँ किए हुए

जोश-ए-क़दह से बज़्म चराग़ाँ किए हुए

Its been long, since my lover, was a guest of mine

and my house was suffused with the glow of wine

Its been long, since my lover, was a guest of mine

and my house was suffused with the glow of wine

शब्दकोश
आर्काइव

आज की प्रस्तुति

अग्रणी पूर्व-आधुनिक शायरों में शामिल, शायरी के उदास रंग के लिए विख्यात।

ख़ल्क़ कहती है जिसे दिल तिरे दीवाने का

एक गोशा है ये दुनिया इसी वीराने का

पूर्ण ग़ज़ल देखें

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इरफ़ान हबीब

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