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क्या आप जानते हैं?

सनम आमद के नाम से बच्चों का एक दिलचस्प तालीमी खेल हुआ करता था जो उर्दू का शब्द भंडार बढ़ाने और समझ-बूझ का विकास करने के लिए घरों में खेला जाता था। ईरान से आया यह खेल पहले फ़ारसी भाषा में खेला जाता था बाद में उर्दू इस्तेमाल होने लगी। इस खेल में उर्दू वर्णमाला के विभिन्न शब्द ढूंढने होते थे। खेल कुछ इस तरह होता था:
सनम आमद? अज़ कुजा आमद? अज़ ईरान आमद। यानी सनम आया? कहां से आया? ईरान से आया।
अब अक्षर 'अलिफ़' से शुरू होने वाला लिबास, सवारी, हथियार, खाना आदि बताने होते थे। उसके बाद 'बे' की बारी आती थी। सारे वर्णमाला पर एक एक करके अभ्यास किया जाता था। इस तरह बच्चे भाषा के साथ साथ देशों और शहरों के नाम और अन्य सामान्य ज्ञान व हाज़िर जवाबी भी सीखते थे। अक्सर बुज़ुर्गों के संरक्षण में यह खेल लिख कर भी खेला जाता था जिससे बच्चों का इमला भी ठीक हो जाता था। कभी कभी उसमें बच्चों के नाम का पहला अक्षर भी इस्तेमाल किया जाता था।