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पाकिस्तान के प्रमुखतम आलोचकों में विख्यात

पाकिस्तान के प्रमुखतम आलोचकों में विख्यात

वज़ीर आग़ा

लेख 18

शेर 32

वो ख़ुश-कलाम है ऐसा कि उस के पास हमें

तवील रहना भी लगता है मुख़्तसर रहना

अजब तरह से गुज़ारी है ज़िंदगी हम ने

जहाँ में रह के कार-ए-जहाँ को पहचाना

खुली किताब थी फूलों-भरी ज़मीं मेरी

किताब मेरी थी रंग-ए-किताब उस का था

उस की आवाज़ में थे सारे ख़द-ओ-ख़ाल उस के

वो चहकता था तो हँसते थे पर-ओ-बाल उस के

या अब्र-ए-करम बन के बरस ख़ुश्क ज़मीं पर

या प्यास के सहरा में मुझे जीना सिखा दे

ग़ज़ल 32

पुस्तकें 89

आधी सदी के बाद

Taweel Nazm

1981

Aaina

 

 

Abdur Rahman Chughtai : Shakhsiyat Aur Fan

 

1980

अब्दुर्रहमान चुग़ताई

शख़्सियत और फ़न

1980

Auraq,Lahore

Salnama: Volume-003

1968

Chahak Uthi Lafzon Ki Chhagal

Kulliyat-e-Wazir Aagha

1991

Chori Se Yari Tak

 

1982

Dastak Us Darwaze Par

 

1993

दूसरा किनारा

 

1985

दूसरा किनारा

इनशाइए

1982

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