इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना

मिर्ज़ा ग़ालिब

इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना

मिर्ज़ा ग़ालिब

MORE BY मिर्ज़ा ग़ालिब

    इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना

    दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना

    to be consumed by oceans is the droplet's ecstasy

    when pain exceeds all bounds becomes, itself the remedy

    तुझ से क़िस्मत में मिरी सूरत-ए-क़ुफ़्ल-ए-अबजद

    था लिखा बात के बनते ही जुदा हो जाना

    lock's shackle and body's akin, to meeting in our fate

    as soon as everything aligns, we're bound to separate

    दिल हुआ कशमकश-ए-चारा-ए-ज़हमत में तमाम

    मिट गया घिसने में इस उक़दे का वा हो जाना

    the struggle to resolve its woes, my weakened heart unmade

    in trying to undo the knot, it got completely frayed

    अब जफ़ा से भी हैं महरूम हम अल्लाह अल्लाह

    इस क़दर दुश्मन-ए-अरबाब-ए-वफ़ा हो जाना

    now even from torture deprived, Lord mercy on me pray

    her to become so hostile to her followers this way?

    ज़ोफ़ से गिर्या मुबद्दल ब-दम-ए-सर्द हुआ

    बावर आया हमें पानी का हवा हो जाना

    infirmity replaced my tears, with sighs full of despair

    Twas only then that I believed, water can turn to air

    दिल से मिटना तिरी अंगुश्त-ए-हिनाई का ख़याल

    हो गया गोश्त से नाख़ुन का जुदा हो जाना

    thoughts of your hennaed fingers to uproot from this mine heart

    has now become a torture like, nails from one's flesh to part

    है मुझे अब्र-ए-बहारी का बरस कर खुलना

    रोते रोते ग़म-ए-फ़ुर्क़त में फ़ना हो जाना

    if fragrance of the flower's not, desirous of your lane

    why in the path of bounding breeze, like dust does it remain

    गर नहीं निकहत-ए-गुल को तिरे कूचे की हवस

    क्यूँ है गर्द-ए-रह-ए-जौलान-ए-सबा हो जाना

    as after springtime's shower is, the clearing of the sky

    so, after parting's copious tears, it is for me to die

    बख़्शे है जल्वा-ए-गुल ज़ौक़-ए-तमाशा 'ग़ालिब'

    चश्म को चाहिए हर रंग में वा हो जाना

    ता कि तुझ पर खुले एजाज़-ए-हवा-ए-सैक़ल

    देख बरसात में सब्ज़ आइने का हो जाना

    वीडियो
    This video is playing from YouTube

    Videos
    This video is playing from YouTube

    शुमोना राय बिस्वास

    शुमोना राय बिस्वास

    RECITATIONS

    शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    नोमान शौक़

    नोमान शौक़

    शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

    स्रोत:

    • पुस्तक : Deewan-e-Ghalib Jadeed (Al-Maroof Ba Nuskha-e-Hameedia) (पृष्ठ 197)

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi volutpat porttitor tortor, varius dignissim.

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY