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यह लेख फोर्ट विलियम कॉलेज के योगदान और ख़ास तौर पर मीर अम्मन की 'बाग़-ओ-बहार' के उस भाषाई संतुलन पर चर्चा करता है जिसने उर्दू नस्र (गद्य) को सादगी और रवानी दी।
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