आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "gande"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "gande"
नज़्म
सामान दीवाली का
शगुन की बाज़ी लगी पहले यार गंडे की
फिर उस से बढ़ के लगी तीन चार गंडे की
नज़ीर अकबराबादी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "gande"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "gande"
नज़्म
अलीगढ़
ख़ुदा-न-ख़्वास्ता गंडे लफ़ंगे और न लच्चे हैं
ये तालिब-इल्म कॉलेज के शरीफ़ों के ये बच्चे हैं
सय्यदा फ़रहत
नज़्म
सैक्स वर्कर्स
तो क्यों भला ये ग़लीज़ जिस्मों को ओढ़ते हैं
ये गंदे मूँहों को सूँघते हैं
शोएब कियानी
नज़्म
काएँ काएँ कव्वा टें टें मिठ्ठू
गंदे कंकर भी भरता गया उस में तू
पी गया ऐसे पानी को फिर आख़ थू
अहमद हातिब सिद्दीक़ी
ग़ज़ल
वो चाहे तो सब कुछ है न चाहे तो नहीं कुछ
तावीज़ में गंडे में फ़तीले में दुआ में
परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़
नज़्म
दयार-ए-ख़्वाब
सुनहरे सुर्ख़ पैरहन भिगोती शहर-ज़ादियाँ
गदेले गंदे पोखरों में तैरती हैं मछलियाँ






